High Rise Apartments: हमारा एक फैसला रोजमर्रा की जिंदगी को कितना आसान बना सकता है, ये बात एक बिजनेस वूमेन ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को समझाई है. कई बार हम घर खरीदने या किराए पर लेने से पहले बहुत ज्यादा सोचते नहीं है. लेकिन ये फैसला हमें काफी सोच समझकर लेना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि ये एक फैसला ही हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने में मददगार साबित होता है, आइये बताते हैं कैसे.
फ्लैट खरीदते समय कौन सा फ्लोर चुनें?
दरअसल सोशल नेटवर्किंग साइट X (ट्विटर) पर हाल ही में एक महिला ने इस बारे में बात की है. इस महिला ने बताया है कि जब भी कोई अपार्टमेंट खरीदें या किराए पर लें तो हमेशा दूसरे से छठे फ्लोर के बीच ही होना चाहिए. रिया उपरेती नाम की महिला ने अपने इस पोस्ट में लिखा, ‘अगर आप किसी हाई- राइज में फ्लैट खरीद रहे हैं, तो दूसरी से छठवीं मंजिल के बीच ही रहें. ऊंचाई पर रहना अच्छा लगता है, लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी अलग होती है. ज़्यादातर इमारतों में सिर्फ 1-2 लिफ्ट होती हैं, और पीक आवर्स में आपको जरूरत से ज्यादा इंतजार करना पड़ सकता है.’
If you’re buying a flat in a high-rise, stay between the 2nd and 6th floor.
Going too high sounds good, but daily life is different. Most societies have just 1–2 lifts, and during peak hours you’ll end up waiting more than you’d like.
Floors in the 2–6 range give you a good…
— Riya Upreti (@riyaelity) April 26, 2026
महिला ने आगे अपने पोस्ट में लिखा, ‘दूसरी से छठी मंजिल के बीच रहना एक अच्छा बैलेंस दे सकता है. आपको बेहतर रोशनी, हवा और थोड़ा कम शोर मिलेगा, लेकिन जरूरत पड़ने पर लिफ्ट के बिना भी काम चल जाएगा. बिजली कटौती, मरम्मत या लिफ्ट खराब होना आम बात है. तीसरी से पांचवी मंजिल तक चढ़ना तो आसान है, लेकिन दिन में कई बार 10-15 मंजिल चढ़ना जल्दी ही थका देने वाला हो जाता है. ये एक छोटा सा फैसला है जो रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बना देता है’.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर काफी बहस छिड़ गई है. कई लोग महिला के इस सुझाव से सहमत हैं. लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं, जो इस बात से सहमत नहीं है. कोई कह रहा है कि वो 19वें फ्लोर पर रहता है और उसमें कोई दिक्कत नहीं है. तो वहीं कोई ये भी कह रहा है कि 100 लोगों के बीच 2-3 लिफ्ट किसी चीप सोसायटी में ही हो सकती है.


हालांकि ये अपने- अपने ओपिनियन वाली बात है, हर कोई अपने हिसाब से ही घर लेता है और उसमें शिफ्ट होता है. कोई इस बात से सहमत हो सकता है तो कोई असहमत भी हो सकता है. ये फैसला पूरी तरह से खरीदने वाले के ऊपर निर्भर करता है कि उसे कौन सा फ्लोर खरीदना है. कई लोग ऊंचे फ्लोर पर रहना पसंद करते हैं, ताकि उन्हें सुकून मिल सके. तो कई लोग बार- बार आने- जाने के लिहाज से नीचे की तरफ फ्लोर खरीदते हैं.
