हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग से बनी स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की है. उन्होंने मंगलवार (03 मार्च) को कहा कि प्रदेश की सरकार मिडिल ईस्ट में रहने वाले हिमाचल के लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है. हिमाचल के करीब 45000 से अधिक लोग मिडिल ईस्ट में रह रहे हैं.
शिमला के रामपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने कहा, ”ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच तनावपूर्ण स्थिति चिंता की बात है. इन परिस्थितियों में मिडिल ईस्ट में रहने वाले हिमाचली प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक करीब 45,000 हिमाचल प्रदेश निवासी रोजगार या शिक्षा के लिए कुवैत, ओमान, सऊदी अरब, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे मध्य पूर्वी देशों में रहते हैं.
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विदेश मंत्रालय से लगातार संपर्क में हिमाचल सरकार- विक्रमादित्य
मंत्री ने आगे कहा, ”हिमाचल प्रदेश सरकार विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है और राज्य के लोगों की ओर से किसी भी प्रकार की संकटकालीन अपील को तुरंत केंद्र सरकार के सामने उठाया जाएगा. मिडिल ईस्ट में रहने वाले हमारे हिमाचली भाइयों और बहनों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. जैसे ही हमें वहां किसी के भी मुश्किल हालात में होने की सूचना मिलती है, हम तुरंत केंद्र सरकार से संपर्क करेंगे. भारत लौटने के इच्छुक हिमाचलियों के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की जाएंगी.
‘हिमाचली प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर बारीकी से नजर’
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने भी यहां जारी एक बयान में मिडिल ईस्ट में बने हालातों को लेकर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार केंद्र सरकार के साथ लगातार संपर्क में है और मध्य पूर्व में रहने वाले हिमाचली प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है. उन्होंने कहा, ”प्रवासी भारतीयों और उनके परिवारों के बीच संपर्क स्थापित करने के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर और सोशल मीडिया संचार चैनल बनाए किए जा रहे हैं.”
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