अमेरिका में शनिवार (28 मार्च 2026) को No Kings नाम से बड़े लेवल पर प्रदर्शन हुए. ये प्रदर्शन डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों, बढ़ती महंगाई और ईरान के साथ चल रहे तनाव के खिलाफ किए गए. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के लगभग हर हिस्से में लोग सड़कों पर उतरे. बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों और गांवों तक, हर जगह लोगों ने मार्च निकाला और अपनी नाराजगी जताई. इन प्रदर्शनों में लोग नारे लगा रहे थे, पोस्टर लेकर चल रहे थे और कई जगह गाना-बजाना और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए.
न्यूयॉर्क सिटी में प्रदर्शनकारी मिडटाउन मैनहटन से मार्च करते हुए आगे बढ़े. यहां लोगों ने इमिग्रेशन नीति, ट्रंप सरकार और ईरान से जुड़े मुद्दों के खिलाफ आवाज उठाई. वहीं सैन फ्रांसिस्को में लोग एम्बारकाडेरो प्लाजा से लेकर सिविक सेंटर प्लाजा तक मार्च करते नजर आए. यहां अमेरिकी झंडों के साथ-साथ यूक्रेन और ट्रांसजेंडर अधिकारों के समर्थन में भी बैनर देखे गए. सेंट पॉल में एक बड़ी रैली हुई, जिसमें मशहूर गायक ब्रूस स्प्रिंग्सटीन ने प्रस्तुति दी. उन्होंने मिनेसोटा को पूरे देश के लिए प्रेरणा बताया और लोगों के हौसले की तारीफ की. उन्होंने जनवरी में मारे गए एलेक्स प्रीटी और रेनी गुड को भी याद किया. ये दोनों इमिग्रेशन कार्रवाई के दौरान मारे गए थे, जिसके बाद पूरे देश में इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई थी.
टिम वाल्ज़ ने की आलोचना
टिम वाल्ज़ ने भी इन कार्रवाइयों की आलोचना की और कहा कि सरकार की सख्त नीति से लोगों में नाराजगी बढ़ी है. बताया जा रहा है कि No Kings प्रदर्शन की यह तीसरी बड़ी लहर है. इससे पहले भी ऐसे प्रदर्शन हो चुके हैं, जिनमें लाखों लोग शामिल हुए थे. इन प्रदर्शनों के पीछे बढ़ती महंगाई, ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और अर्थव्यवस्था की धीमी रफ्तार जैसे कारण भी बताए जा रहे हैं, जो मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव से जुड़े हुए हैं. हालांकि वेस्ट पाम बीच में कुछ जगह ट्रंप समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस भी हुई, लेकिन ज्यादातर जगहों पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे.
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