दिल्ली में सोमवार को ‘मेट्रो मंडे’ अभियान की शुरुआत हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल कर लोगों को बड़ा संदेश दिया. इस पहल का मकसद लोगों को मेट्रो और बस जैसे सार्वजनिक साधनों का ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करना है, ताकि ट्रैफिक कम हो, ईंधन की बचत हो और प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाया जा सके.
पैदल पहुंचीं उपराज्यपाल के लोक निवास
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सोमवार (18 मई) सुबह अपने आधिकारिक निवास मुख्यमंत्री जन सेवा सदन, सिविल लाइंस से पैदल चलकर उपराज्यपाल के लोक निवास पहुंचीं. यहां उन्होंने बैठक में हिस्सा लिया. मुख्यमंत्री के इस कदम को आम लोगों के बीच सादगी और जनभागीदारी का संदेश देने वाला माना जा रहा है.
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कश्मीरी गेट से आईटीओ तक मेट्रो में किया सफर
बैठक खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन पहुंचीं और वहां से मेट्रो में सफर कर आईटीओ मेट्रो स्टेशन तक गईं. इस दौरान कई यात्रियों ने उन्हें अपने बीच देखकर खुशी जताई. मुख्यमंत्री ने लोगों से बातचीत भी की और सार्वजनिक परिवहन के फायदे बताए.
आईटीओ स्टेशन पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय स्थित अपने कार्यालय तक जाने के लिए फीडर बस का इस्तेमाल किया. इस दौरान दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा और रविन्द्र इंद्राज भी उनके साथ मौजूद रहे. सरकार का कहना है कि मंत्री और अधिकारी खुद सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करेंगे तो आम लोगों में भी इसका सकारात्मक संदेश जाएगा.
‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ अभियान का हिस्सा
दिल्ली सरकार के अनुसार ‘मेट्रो मंडे’ पहल ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ अभियान के तहत शुरू की गई है. इसका उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और ट्रैफिक कम करने के लिए जागरूक करना है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर ज्यादा लोग मेट्रो और बसों का इस्तेमाल करेंगे तो दिल्ली में प्रदूषण और जाम दोनों की समस्या कम हो सकती है. सरकार ने बताया कि सोमवार को कई मंत्रियों और अधिकारियों ने भी मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल कर अपने दफ्तर पहुंचे.
