TMC Swapna Barman: ‘नहीं पता था कि राजनीति में इतना दर्द होता है…’, TMC की गोल्ड मेडलिस्ट कैंडिडेट ने चुनाव में हार के बाद कर ली तौबा!


एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली स्वप्ना बर्मन इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं. तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद हार का सामना करने वाली स्वप्ना अब राजनीति में आने के अपने फैसले पर भी सवाल उठा रही हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में उनके घर में आग लग गई थी. इस घटना के बाद से वह काफी परेशान बताई जा रही हैं. स्वप्ना का आरोप है कि कुछ गुंडों ने उनके घर में आग लगाई.

रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को वह जलपाईगुड़ी के कोतवाली थाने पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराई. बताया गया कि उस समय उनके साथ टीएमसी का कोई नेता मौजूद नहीं था. स्वप्ना बर्मन ने रायगंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था. इस सीट पर उनका मुकाबला बीजेपी उम्मीदवार दिनेश सरकार से हुआ था, जिसमें उन्हें करीब 21 हजार वोटों से हार मिली. चुनाव हारने के बाद उनकी परेशानियां बढ़ती नजर आ रही हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने भी उनसे दूरी बनानी शुरू कर दी है.

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TMC में शामिल हुईं स्वप्ना

फरवरी 2026 में TMC में शामिल हुईं स्वप्ना को पार्टी ने खगेश्वर रॉय की जगह उम्मीदवार बनाया था. अब उन्होंने राजनीति को लेकर अपनी निराशा जाहिर की है. स्वप्ना ने कहा, ‘मुझे नहीं पता था कि राजनीति में इतना दर्द होता है. अगर पता होता तो मैं राजनीति में आती ही नहीं.’ उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. शनिवार को टीएमसी नेता महुआ गोपी, प्रकाश सी बराईक और अष्टमी रॉय उनसे मिलने उनके घर पहुंचे. टीएमसी नेताओं ने कहा कि चुनाव हारना अलग बात है, लेकिन स्वप्ना देश की संपत्ति हैं और उनका सम्मान होना चाहिए.

स्वप्ना पार्टी की गतिविधियों से भी दूर

आग लगने की घटना के बाद से स्वप्ना पार्टी की गतिविधियों से भी दूर हो गई हैं. कुछ नेताओं ने दावा किया है कि वह उनके फोन कॉल का जवाब नहीं दे रही हैं. स्वप्ना के करीबियों का कहना है कि उनके सामने अब आर्थिक संकट भी खड़ा हो सकता है. राजनीति में आने के कारण उन्हें रेलवे की नौकरी छोड़नी पड़ी थी और चुनाव में भी हार मिली. इसके अलावा, वह इस साल अगस्त में होने वाले एशियन गेम्स के क्वालीफाइंग राउंड में भी हिस्सा नहीं ले सकीं. ऐसे में अब उन्हें दोबारा बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में लौटने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है. हालांकि, स्वप्ना ने कहा है कि उन्होंने जिंदगी में हमेशा संघर्ष किया है और आगे क्या करना है, इस पर वह सोच रही हैं.

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