देशभर में नीट पेपर लीक का मामला गरमाया हुआ है. इस बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इस पेपर लीक को विपक्ष की साजिश बता दिया. उन्होंने कहा कि घटनाएं होना एक बात है और घटना के बाद उस पर त्वरित कार्रवाई होना भी दूसरी बात है. उन लोगों (विपक्ष) के राज में इस तरह की घटनाएं होती थीं तो उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती थी. आप देख रहे हैं कि जहां-जहां से जो भी इसमें शामिल हैं, वो पकड़े जा रहे हैं, जेल भेजे जा रहे हैं. कई तरह की कार्रवाई की जा रही है.
उन्होंने आगे कहा, ”पेपर लीक की घटना हुई है, ये सही बात है लेकिन कार्रवाई हुई, परीक्षा रद्द हुई, फिर से परीक्षा हो रही है. जो भी इसमें संलिप्त हैं वो सलाखों के अंदर जा रहे हैं. इस्तीफा क्यों देंगे. जब कार्रवाई नहीं होती तब न. ये उनके संज्ञान में था? हो सकता है कि विरोधी पार्टी के लोग ही इस तरह की साजिश रचे हों. आज राजद के लोग ही तो पकड़े जा रहे हैं.”
मनीषा गुरुनाथ मंधारे को 14 दिन की सीबीआई हिरासत
उधर, दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने नीट पेपर लीक मामले में आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे को 14 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा है. आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक पुणे की रहने वाली और एनटीए की एक्सपर्ट टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे पर बायोलॉजी के प्रश्न पत्र लीक करने की साजिश में शामिल होने का शक है. वहीं, केमिस्ट्री के प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को पेपर लीक का ‘मुख्य आरोपी’ माना जा रहा है.
राऊज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा कि मनीषा वनस्पति बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) और जूलॉजी (प्राणी विज्ञान) के प्रश्नपत्रों का अनुवाद करने में एक्सपर्ट थी. इसके साथ ही, वह पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के साथ साजिश में शामिल थी. उसने प्रश्नपत्र आरोपी शुभम को दिया था.
पिछले 24 घंटों में सीबीआई की कई जगहों पर छापेमारी
सीबीआई ने कस्टडी की मांग करते हुए अदालत में कहा कि देशभर में एक साथ जांच चल रही है. जांच के उद्देश्य से हमें उसे देश के अलग-अलग हिस्सों में ले जाना है, क्योंकि प्रश्नपत्र उसके पास था. बता दें कि पिछले 24 घंटों में सीबीआई ने देशभर में छह जगहों पर तलाशी ली और कई अहम दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन जब्त किए.
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