Kamal Hassan Appeal to Tamil Nadu People: फिल्म एक्टर और राज्यसभा सांसद कमल हसन ने तमिलनाडु की बनी नई सरकार को लेकर हिदायत दी है. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि नई सरकार को जल्दी नहीं आंके. साथ ही कहा कि तमिलनाडु के नए चुने गए मुख्यमंत्री विजय और उनकी टीम को उनका मूल्यंकान करने से पहले कुछ समय दिया जाना चाहिए.
मक्कल निधि मय्यम के चीफ हसन का कहना है कि पदभार संभालने के कुछ दिन बाद नहीं सरकार का आंकलन करना, जल्दबाजी होगी. प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि दो दिनों में जो कुछ भी कहा जा सकता है, वह केवल ज्योतिष से जुड़ी ही बात होगी. यही बात 6 या पंद्रह दिनों पर लागू होती है. इसलिए हमें उन्हें छ महीने का समय देना चाहिए. इसके साथ ही कहा कि राजनीति में आए नए लोगों के प्रवेश को शक की निगाहों से नहीं देखा जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के बाद जिन नेताओं ने सत्ता संभाली थी, वे भी पहली बार ही राजनीति में आए थे. कई नए लोग इस बार सरकार में आएं हैं, लेकिन उन्होंने लोगों को कम आंकना नहीं चाहिए. न ही उनसे कुछ ज्यादा उम्मीदें रखना चाहिए.
हसन बोले- सतर्क रहें, सरकार के कामकाज पर नजर रखें
हसन ने वोटर्स से कहा है कि सतर्क रहें. सरकार के कामकाज पर नजर रखें. वोट तो आप लोगों ने ही दिया है. यह देखते रहना चाहिए, कि क्या हो रहा है, और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सबकुछ ठीक चल रहा हो. हम भी नजर रखे हुए हैं. उन्होंने कहा कि अगर तमिलनाडु का कोई तमिल बोलने वाला व्यक्ति कोई राजनीतिक पार्टी शुरू भी करता है, तो वह एक द्रविड़ पार्टी ही है.
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एक्टर रजनीकांत को लेकर क्या बोले कमल हसन ?
इसके अलावा उन्होंने दिग्गज एक्टर रजनीकांत के बारे में अपनी दोस्ती का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीकांत ने कहा था कि अगर मैं मुख्यमंत्री बन जाता तो उन्हें जलन होती. लेकिन उन्होंने यह सभी कुछ मजाक में कहा था. हम दोनों में कभी भी एक दूसरे को लेकर जलन भी भावना नहीं रही. हम एक दूसरे से मुकाबला जरूर करते हैं, लेकिन ईर्ष्या की भावना नहीं रखते. हम तमिलनाडु को मिलने वाले सबसे बेहतरीन खिलाड़ी है. बस बात इतनी है कि हम फिल्म इंडस्ट्री में हैं. अगर हम क्रिकेट खेल रहे होते, तब भी हम ऐसे ही होते.
बता दें हाल ही में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एक्टर विजय की पार्टी टीवीके राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. इसी के साथ राज्य में दशकों से चला आ रहा, डीएमके और एआईडीएमके के वर्चस्व को खत्म कर दिया. विजय ने कांग्रेस, कम्युनिस्ट, वीसीके और आइयूएमल के साथ मिलकर सरकार बनाई है.
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