Suvendu Adhikari Cabinet Major Decision: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य सरकार के कर्मचारियों को खुशखबरी दी है. प्रदेश में बीजेपी की नई सरकार ने 7वें वेतन आयोग को लागू करने की मंजूरी दे दी है. सरकार के इस फैसले के साथ ही कर्मचारियों और रिटायर हुए लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है. उनकी सैलरी, पेंशन और भत्तों में इजाफा होने की उम्मीद है. सोमवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की कैबिनेट ने फैसला लेते हुए, घोषणा की है.
सरकार के इस फैसले के साथ ही बेसिक सैलरी से लेकर भत्ते, पेंशन और दूसरे अन्य फायदे बढ़ जाएंगे. पश्चिम बंगाल की राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने इसका ऐलान किया है. इससे पहले पश्चिम बंगाल के 6वें वेतन आयोग की अधिसूचना सितंबर 2019 में जारी की गई थी. तब राज्य सरकार के कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से बकाया मिला था.
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कितनी हो जाएगी सातवें वेतन आयोग में बेसिक सैलरी?
सातवें वेतन आयोग में 25 लेवल हैं. इनमें बेसिक सैलरी 17 हजार रुपए है. जबकि अधिकतम 1,28,900 रुपए है. 6वें वेतन आयोग में पश्चिम बंगाल सरकार ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर तय किया था. यह पेंशन और सैलरी में एक मल्टीप्लायर का काम करता है. हालांकि, इस फैक्टर को घोषित करने में समय लग सकता है. इसके साथ ही सैलरी में बदलाव का पता चल सकेगा.
अन्नपूर्णा और फ्री यात्राओं से जुड़ी योजनाओं को दी मंजूरी
इसके अलावा राज्य सरकार की कैबिनेट में सोमवार को अन्नपूर्णा भंडार योजना का प्रस्ताव भी रखा गया. इसके तहत राज्य की महिलाओं को 3000 हजार रुपए महीने का भत्ता दिया जाएगा. ऐसे में यह पिछली सरकार की तरफ से चलाई जा रही लक्ष्मी भंडार योजना के तहत रजिस्टर्ड महिलाओं से जुड़ जाएगा, और उन्हें लाभ मिलेगा. इसके अलावा महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा के फैसले को मंजूरी दी गई है. 1 जून से राज्य की सभी सरकारी बसों में महिलाओं को फ्री यात्रा मिल सकेगी. इसके अलावा राज्य सरकार ने धर्म आधारित कल्याणकारी योजनाएं वापस ली हैं.
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