पीएम मोदी के लिए सजे मंच से BJP ने शुरू किया ‘मिशन पंजाब’, BJP मुख्यालय से लगा ये नारा, बढ़ा सियासी पारा!


पश्चिम बंगाल, असम और पुद्दुचेरी में प्रचंड जीत हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी का अगला लक्ष्य अब पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम से पहले मंच पर नारा लगा कि ‘बंगाल जीता है पंजाब की बारी.’ इस दौरान मंच पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह,गृह मंत्री अमित शाह मौजूद थे. 

गौरतलब है कि पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का चुनावी प्रदर्शन पिछले एक दशक में उतार-चढ़ाव से गुजरा है. साल 2012 के विधानसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन में लड़ते हुए बीजेपी ने करीब 7.18 प्रतिशत वोट हासिल किए और 12 सीटें जीती थीं. साल 2017 में यह आंकड़ा घटकर लगभग 5.39 प्रतिशत वोट और 3 सीटों तक सीमित रह गया.

2022 में अकेले लड़ी थी बीजेपी

साल 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने पहली बार बड़े पैमाने पर अकेले चुनाव लड़ा. इस चुनाव में पार्टी को लगभग 6.60 प्रतिशत वोट मिले और वह 2 सीटों पर जीत दर्ज कर सकी. सीटों के लिहाज से प्रदर्शन सीमित रहा, लेकिन वोट शेयर में मामूली बढ़त दर्ज की गई.

Bengal Election Results 2026: बंगाल के नतीजों पर CM भगवंत मान बोले, ‘पंजाब में BJP ऐसा करने की…’

लोकसभा चुनावों में भी बीजेपी का प्रदर्शन अलग-अलग चरणों से गुजरा है. साल 2014 में अकाली दल के साथ गठबंधन में पार्टी ने सीमित सीटों पर चुनाव लड़ते हुए 2 सीटें जीतीं. साल 2019 में भी गठबंधन बरकरार रहा और बीजेपी ने फिर 2 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि उसका वोट शेयर लगभग 9.6 प्रतिशत के आसपास रहा.

2024 में क्या हुआ था?

साल 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने पंजाब में अकेले चुनाव मैदान में उतरते हुए अपने वोट शेयर में बड़ा उछाल दर्ज किया. पार्टी का वोट शेयर बढ़कर लगभग 18.5 प्रतिशत के आसपास पहुंच गया, हालांकि उसे कोई सीट हासिल नहीं हो सकी. यह चुनाव परिणाम बताता है कि वोट प्रतिशत में वृद्धि के बावजूद सीटों में तब्दील करने की चुनौती अभी बरकरार है.

चुनावी रुझानों के मुताबिक बीजेपी का प्रभाव मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों में केंद्रित रहा है. अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और पठानकोट जैसे शहरों और आसपास के विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी को अपेक्षाकृत बेहतर समर्थन मिला, जबकि ग्रामीण और मालवा क्षेत्र में पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा.

पिछले तीन लोकसभा चुनावों और तीन विधानसभा चुनावों के आंकड़े संकेत देते हैं कि पंजाब में बीजेपी का राजनीतिक आधार धीरे-धीरे विस्तार की दिशा में है, लेकिन उसे चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

क्या है बीजेपी की प्लानिंग?

दिल्ली सरकार में मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने भी संकेत दिए कि अब बीजेपी का अगल मिशन पंजाब है. दिल्ली में पत्रकारों से सिरसा ने कहा कि बंगाल की जीत के बाद अब आगे पंजाब में जाएंगे. पंजाब और बंगाल की जनता एक जैसा सोचती है. इस बयान के जरिए सिरसा ने यह संदेश देने की कोशिश की कि बीजेपी अब पंजाब के सियासी किले में भी सेंध लगाएगी.

राघव चड्ढा का यह कदम चौंकाने वाला, सीएम भगवंत मान से पहले किससे मिलेंगे BJP सांसद?

इन सबके बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पांच राज्यों में आए नतीजे के बाद कहा कि बंगाल में बीजेपी ने जो कुछ किया हो लेकिन पंजाब में ऐसा करने की बीजेपी ना सोचे. मान ने कहा कि बीजेपी दिन में सपना देख रही है.

दरअसल, बीते दिनों पंजाब से आम आदमी के 6 राज्यसभा सांसदों ने पाला बदल कर बीजेपी का दामन थाम लिया था. खुद बीजेपी चीफ भी सभी 117 सीटों पर बिना किसी अलायंस के चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी है. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी चुनाव से पहले बीजेपी क्या रणनीति बनाती है और आम आदमी पार्टी, उसका जवाब किस अंदाज में देगी.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *