दिल्ली के शाहदरा जिले की पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग और चोरी की घटनाओं पर लगाम कसते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. पुलिस ने ‘ऑपरेशन विश्वास’ (Operation Vishwas) के तहत टेक्निकल सर्विलांस और कई राज्यों में छापेमारी कर कुल 320 मोबाइल फोन बरामद किए हैं.
इन स्मार्टफोन्स की अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रुपये आंकी गई है. शनिवार को डीसीपी कार्यालय परिसर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पुलिस ने ये सभी फोन उनके असली मालिकों को सौंप दिए, जिन्हें पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे.
CEIR पोर्टल और टेक्निकल सर्विलांस ने किया कमाल
शाहदरा जिले के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा की देखरेख में 1 जनवरी 2026 से इस विशेष अभियान की शुरुआत की गई थी. इस पूरे ऑपरेशन की कमान एएसआई दीपक कुमार, हेड कांस्टेबल गगन दीप, तेजवीर सिंह और मनोज कुमार की टेक्निकल टीम के हाथ में थी. टीम ने पारंपरिक IMEI सर्च और CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) विश्लेषण के साथ-साथ भारत सरकार के ‘CEIR पोर्टल’ का बखूबी इस्तेमाल किया.
डीसीपी ने बताया कि अकेले CEIR पोर्टल की मदद से 75 मोबाइल ट्रैक किए गए. फोन बरामद करने के लिए दिल्ली के अलावा यूपी और हरियाणा जैसे राज्यों में भी छापेमारी की गई.
13 विशेष टीमों का गठन
ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए जिले के विभिन्न थानों की 13 विशेष टीमें बनाई गई थीं. अलग-अलग थानों की रिकवरी इस प्रकार रही:
- थाना शाहदरा: 88 मोबाइल
- थाना जीटीबी एन्क्लेव: 68 मोबाइल
- थाना सीमापुरी: 51 मोबाइल
- थाना आनंद विहार: 43 मोबाइल
- थाना फर्श बाजार: 21 मोबाइल
- थाना गीता कॉलोनी: 20 मोबाइल
इसके अलावा विवेक विहार, जगतपुरी, गांधी नगर, कृष्णा नगर और एमएस पार्क थानों की टीमों ने भी इस जब्ती अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
क्या थे मामले और कैसा रहा रिकवरी का ग्राफ?
बरामद किए गए इन 320 मोबाइलों में से अधिकांश फोन लोगों के गिर गए थे या गुम हो गए थे. आंकड़ों के अनुसार:
- 259 फोन गुम (Lost) हुए थे.
- 42 फोन चोरी (Stolen) के थे.
- 13 फोन झपटमारी (Snatching) के शिकार हुए थे.
- 5 फोन घरों में हुई चोरी के मामलों से जुड़े थे.
लगातार बढ़ रहा है ‘ऑपरेशन विश्वास’ का ग्राफ
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, इस अभियान के तहत मोबाइलों की रिकवरी का ग्राफ हर साल तेजी से बढ़ रहा है:
वर्ष 2023: 205 मोबाइल
वर्ष 2024: 555 मोबाइल
वर्ष 2025: 711 मोबाइल
वर्ष 2026 (अब तक): 320 मोबाइल
पुलिस का यह अभियान न सिर्फ अपराध पर लगाम कस रहा है, बल्कि आम जनता का पुलिस व्यवस्था पर ‘विश्वास’ भी मजबूत कर रहा है.
