Noida International Airport: भारत में हवाई यात्रा का अनुभव लगातार बदल रहा है. देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में यात्री संख्या बढ़ती जा रही है, जिससे पुराने हवाई अड्डों पर दबाव बढ़ गया है. इसी को ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर एयरपोर्ट) के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे. यह सिर्फ एक नया हवाई अड्डा नहीं है, बल्कि भारत के एविएशन सेक्टर में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम है. यह हवाई अड्डा दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए यात्रा को आसान बनाने के साथ-साथ भारत को वैश्विक एविएशन हब में शामिल करने में मदद करेगा. ऐसे में आइए जानते हैं कि देश के टॉप-5 सबसे बड़े एयरपोर्ट कौन-से हैं और जेवर हवाई अड्डा किस नंबर पर आता है.
ये हैं देश के टॉप-5 सबसे बड़े एयरपोर्ट
1. राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा – हैदराबाद का राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट माना जाता है. यह लगभग 5,500 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें एक विशाल टर्मिनल है. इस एयरपोर्ट की यात्री क्षमता 12 लाख है और इसमें दो रनवे हैं. यहां प्रमुख एयरलाइंस के रूप में एलायंस एयर, अमेजन एयर और इंडिगो काम करती हैं. यह एयरपोर्ट भारत का पहला ऐसा हवाई अड्डा था, जिसने घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए ई-बोर्डिंग की सुविधा शुरू की.
2. इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा – दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा देश के सबसे व्यस्त और बड़े एयरपोर्टों में से एक है. इसका क्षेत्रफल 5,000 एकड़ से ज्यादा है और इसमें तीन टर्मिनल और चार रनवे हैं. 2023 में इस एयरपोर्ट ने लगभग 6 करोड़ यात्रियों को संभाला. यह एयरपोर्ट अत्याधुनिक तकनीक जैसे एयरपोर्ट कोलैबोरेटिव डिसीजन मेकिंग (A-CDM) प्रणाली का उपयोग करता है, जिससे टेक ऑफ और लैंडिंग का प्रबंधन और अधिक कुशल हो जाता है.
3. केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा – बैंगलोर का केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत का तीसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट है. यह लगभग 4,000 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें दो टर्मिनल और दो रनवे हैं. एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री संख्या 3.75 करोड़ के आसपास है. यह एयरपोर्ट कर्नाटक का पहला सौर ऊर्जा संचालित एयरपोर्ट है और बैंगलोर को अन्य बड़े शहरों के साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
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4. डाबोलिम हवाई अड्डा – गोवा का डाबोलिम हवाई अड्डा छोटे आकार का एयरपोर्ट होने के बावजूद बहुत जरूरी है. इसमें दो टर्मिनल और एक रनवे है और यह सालाना लगभग 85 लाख यात्रियों को सेवा प्रदान करता है. यह एयरपोर्ट गोवा की राजधानी पणजी को जोड़ता है और यहां प्रमुख एयरलाइंस जैसे इंडिगो और AIX कनेक्ट का संचालन होता है.
5. नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा – कोलकाता का नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत का मुख्य हवाई केंद्र है. इसमें दो टर्मिनल और दो रनवे हैं और यह सालाना लगभग 2 करोड़ यात्रियों को हैंडल करता है. यहां एयर इंडिया, इंडिगो, स्पाइसजेट और अन्य एयरलाइंस प्रमुख रूप से संचालित होती हैं.
किस नंबर पर आता है जेवर हवाई अड्डा?
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जिसे जेवर एयरपोर्ट कहा जाता है, भारत का आधुनिक ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट है. इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत बनाया गया है. एयरपोर्ट के पहले चरण (फेज-1) पर लगभग 11,200 करोड़ का खर्च किया गया है. प्रारंभ में यह एयरपोर्ट सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को संभाल सकेगा, जबकि पूरी तरह विकसित होने पर इसकी क्षमता 7 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष तक बढ़ जाएगी. जेवर एयरपोर्ट में 3,900 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है, जो बड़े वाइड-बॉडी विमानों के उतार-चढ़ाव को आसानी से संभाल सकता है. जेवर एयरपोर्ट का क्षेत्रफल 7,000 एकड़ है, जो इसे भारत और एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल कर सकता है.
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