क्रेमिलन ने रूस की ओर से ईरान को ड्रोन भेजने की खबरों को झूठा बताया है. फाइनेंशियल टाइम्स में बुधवार (25 मार्च 2026) को एक रिपोर्ट में दावा किया कि रूस ईरान को ड्रोन भेज रहा है. इस पर क्रेमिलन ने कहा कि ये दावे झूठे हैं इसलिए लोगों को इन पर ध्यान नहीं देना चाहिए. रूस सालों से ईरान का प्रमुख सहयोगी रहा है और इस जंग से शुरू होने के बाद से मॉस्को बार तेहरान को सैन्य सहायता प्रदान करने से इनकार किया है.
रूस कर रहा ईरान की मदद: रिपोर्ट
रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रेमलिन पहले ही अपने सहयोगी ईरान को खुफिया सहायता और सैटेलाइट इमेज उपलब्ध करा चुका है. 28 फरवरी को शुरू हुए इस जंग के बाद अब रूस ईरान को मार्च 2026 तक ड्रोन की खेप भेजने वाला है. इसमें कहा गया कि रूस 2023 से यूक्रेन में चल रहे युद्ध के लिए ईरान की ओर से डिजाइन किए गए ड्रोन का निर्माण कर रहा है.
बताया जा रहा है कि रूस से ईरान को यह खेप तेहरान की सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने और उसके सरकार को स्थिर करने के उद्देश्य से भेजी गई है. क्रेमिलन ने इन खबरों को फर्जी बताते हुए कहा कि हम ईरानी नेतृत्व के साथ अपना संवाद जारी रखे हुए हैं.
ईरान के लिए काफी प्रभावी ये हथियार
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान में बने शाहेद मॉडल के ड्रोन इस जंग में तेहरान के लिए सबसे प्रभावी हथियार साबित हुए हैं. कम लागत और आसान निर्माण क्षमता की वजह से ये ड्रोन ईरान के लिए काफी महत्वपूर्ण है. इस ड्रोन का उपयोग जासूसी, सटीक हमलों या बड़े पैमाने पर हमलों के लिए किया जा सकता है. ड्रोन की खेप के अलावा, कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि रूस ईरान को गैर-सैन्य सहायता प्रदान कर रहा है, जिसमें फूड सप्लाई, मेडिकल सहायता और सैटेलाइट इमेजरी जैसी खुफिया सहायता शामिल है.
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