प्रयागराज के नैनी बाजार इलाके में एक दर्दनाक हादसे में एक मां ने अपने बच्चों को बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी. यह घटना 12 मई की रात की है, जब एक क्रॉकरी कारोबारी के घर में अचानक भीषण आग लग गई. पुलिस के मुताबिक, नैनी बाजार के चैंपियन गली में तीन भाइयों का परिवार रहता है.
पुलिस ने बताया कि घर के ग्राउंड फ्लोर पर दुकान और गोदाम था, जबकि महिलाएं और बच्चे ऊपर की मंजिल पर मौजूद थे. रात करीब 9 बजे शॉर्ट सर्किट के कारण नीचे गोदाम में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया. आग तेजी से फैलने लगी और धुएं का गुबार ऊपर तक पहुंच गया. नीचे से निकलने का कोई रास्ता नहीं था, सभी लोग जान बचाने के लिए छत पर पहुंच गए. संकरी गली होने के कारण फायर ब्रिगेड को पहुंचने में भी समय लग गया.
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महिला ने साहस दिखाकर बचाई बच्चों की जान
इसी दौरान संजीव केसरवानी की पत्नी अर्चना ने हिम्मत नहीं हारी. सामने वाली गली में पड़ोसी की छत दिखाई दे रही थी. अर्चना ने सबसे पहले अपने एक साल के बच्चे को चादर में लपेटा और करीब 12 फीट दूर पड़ोसी की छत की ओर उछाल दिया. वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह बच्चे को सुरक्षित पकड़ लिया.
बच्चों को बचाते-बचाते बुरी तरह झुलसी मां
इसके बाद सीढ़ी की मदद से अर्चना ने अपनी 13 साल और 10 साल की दोनों बेटियों को भी पड़ोसी की छत तक सुरक्षित पहुंचा दिया. अंत में उसने अपने भतीजे को भी बाहर निकाल दिया. बच्चों को सुरक्षित करते-करते आग और धुएं की चपेट में आकर अर्चना खुद बुरी तरह झुलस गई. गंभीर हालत में अर्चना को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.
फायर ब्रिगेड की आधा दर्जन गाड़ियों ने आग पर पाया काबू
इस हादसे में उसकी 13 साल की बेटी भी झुलस गई, जिसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है. वहीं, छत से कूदने के दौरान अर्चना की भाभी सरिता के पैर में फ्रैक्चर हो गया. आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसे काबू में करने के लिए फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियों को लगाना पड़ा और आग देर रात करीब 4 बजे जाकर पूरी तरह बुझाई जा सकी.
इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. बच्चों को बचाने के लिए जान देने वाली मां अर्चना की बहादुरी को लोग सलाम कर रहे हैं.
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