एनसीपी (शरदचंद्र पवार गुट) के नेता और विधायक रोहित पवार ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर अजित पवार के रहते दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टियों का विलय हो गया होता, तो 2029 के विधानसभा चुनाव में वे 100 फीसदी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनते. बारामती विधानसभा उपचुनाव के दौरान मतदान करने के बाद मीडिया से बातचीत में रोहित पवार ने यह बात कही. उन्होंने कहा, ”अजित दादा के निधन के बाद अब विलय का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि वही इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख नेता थे.”
कोई राजनीतिक विलय नहीं होने जा रहा-रोहित पवार
शरद पवार गुट के नेता आगे कहा, ”अजित दादा के प्रति सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव के कारण ही वे चुनाव प्रचार में शामिल हुए. इसका मतलब यह नहीं है कि कोई राजनीतिक विलय होने जा रहा है. यह पूरी तरह से भावनात्मक निर्णय था.”
‘लोग अजित दादा की कार्यशैली को आज भी याद कर रहे’
रोहित पवार ने यह भी कहा कि अजित दादा स्पष्ट और कड़े बोलने वाले नेता थे, लेकिन स्वभाव से बेहद सरल थे. वे हर छोटी-बड़ी बात पर ध्यान देते थे और तुरंत निर्णय लेने की क्षमता रखते थे. बारामती के लोग उनकी कार्यशैली को आज भी याद कर रहे हैं. उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे बड़ी संख्या में मतदान करें, चाहे उन्हें दूर के बूथ पर ही क्यों न जाना पड़े.
2029 में ‘पवार बनाम पवार’ की संभावना
रोहित पवार ने संकेत दिया कि 2029 में बारामती में ‘पवार बनाम पवार’ की लड़ाई हो सकती है. हालांकि उन्होंने कहा कि यह जनता की इच्छा नहीं है, लेकिन कुछ लोग ऐसी स्थिति बनाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे खुद बारामती से चुनाव नहीं लड़ेंगे और कर्जत-जामखेड से ही अपनी राजनीतिक पारी जारी रखेंगे, जहां से वे 2019 और 2024 में चुनाव लड़ चुके हैं.
बता दें कि बारामती विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिए गुरुवार (23 अप्रैल) को वोटिंग हुई. इस महत्वपूर्ण सीट पर सभी की नजरें दिवंगत नेता अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार पर टिकी हुई हैं. अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराया गया है.
