बाजरे की ये किस्में कराएंगी किसानों की तगड़ी कमाई, फसल के साथ मिलेगी ये चीज


Pearl Millet: गर्मियों के मौसम में जब ज्यादातर फसलें पानी की कमी और तेज धूप के आगे दम तोड़ने लगती हैं, तब बाजरा एक ऐसी फसल बनकर उभरता है जो किसानों की जेब और उम्मीद दोनों को जिंदा रखता है. आज के समय में खेती सिर्फ गुजारे का जरिया नहीं, बल्कि एक तगड़ा बिजनेस मॉडल बन चुकी है. अगर आप इस महीने बाजरे की उन्नत किस्मों का चुनाव करते हैं. तो आपको न सिर्फ दानों की बंपर पैदावार मिलेगी.

बल्कि पशुओं के लिए बेहतरीन क्वालिटी का हरा चारा भी मुफ्त में मिल जाएगा. स्मार्ट किसान अब उन किस्मों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं जो कम समय में तैयार होती हैं और जिनमें बीमारियों का खतरा न के बराबर होता है. सही प्लानिंग और मॉडर्न किस्मों के साथ की गई बुवाई आपको कम लागत में वो मुनाफा दे सकती है जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की होगी.

गर्मियों के लिए सबसे बढ़िया किस्में 

अगर आप चाहते हैं कि आपकी फसल तपती लू में भी हरी-भरी रहे. तो हाइब्रिड किस्मों का चुनाव करना सही फैसला है. आजकल एचएचबी-67 और राज-171 जैसी किस्में काफी पॉपुलर हैं. क्योंकि ये बहुत कम पानी में भी शानदार रिजल्ट देती हैं. इन किस्मों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनका दाना मोटा और चमकदार होता है.

जिसकी मार्केट में डिमांड हमेशा हाई रहती है. इसके अलावा कुछ ऐसी वैरायटी भी आ गई हैं जो महज 70 से 75 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं. इससे किसानों को फायदा यह होता है कि वे अगली फसल के लिए अपने खेत को जल्दी खाली कर पाते हैं और कम समय में मोटा पैसा बना लेते हैं.

  • उन्नत किस्मों का बीज हमेशा सर्टिफाइड दुकानों से ही खरीदें जिससे पैदावार की गारंटी रहे.
  • कम समय वाली फसलें चुनने से पानी की बचत होती है और मेहनत भी कम लगती है. 

ऐसी वैरायटी चुनना जो अनाज और चारा दोनों में बेस्ट हो आपकी ओवरऑल इनकम को 30% तक बढ़ा सकता है.

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बुवाई का सही तरीका 

बाजरे की खेती में जीत हासिल करने के लिए सिर्फ अच्छा बीज काफी नहीं है. बल्कि उसे बोने का तरीका भी सही होना चाहिए. बुवाई से पहले बीजों का उपचार (Treatment) करना बहुत जरूरी है जिससे मिट्टी से लगने वाली बीमारियों को शुरुआत में ही रोका जा सके. खेत की तैयारी करते समय कतार से कतार की दूरी करीब 40 से 45 सेंटीमीटर रखनी चाहिए.

जिससे हर पौधे को पूरी धूप और हवा मिल सके. गर्मी के सीजन में गहरी बुवाई से बचें. क्योंकि इससे बीजों के अंकुरण में दिक्कत आ सकती है. सही गहराई और सही गैप ही वो सीक्रेट है जो आपके खेत को दूसरों से अलग और ज्यादा हरा-भरा बनाता है.

  • बीजों का फफूंदनाशक दवा से ट्रीटमेंट करें जिससे फसल शुरू से ही हेल्दी रहे.
  • कतारों में बुवाई करने से निराई-गुड़ाई और सिंचाई करना काफी आसान हो जाता है.

जमीन की तैयारी में अगर थोड़ी सी जैविक खाद का इस्तेमाल किया जाए. तो फसल की ग्रोथ रॉकेट की रफ्तार से होती है.

अनाज के साथ मिलेगा हरा चारा

बाजरा उगाने का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट यह है कि इसमें आपको अनाज के साथ-साथ पशुओं के लिए कड़बी यानी सूखा और हरा चारा भी मिलता है. आज के दौर में चारे की कीमतें आसमान छू रही हैं, ऐसे में बाजरे की फसल आपके पशुपालन के खर्च को जीरो कर देती है.

इसकी कड़बी काफी पौष्टिक होती है. जिसे खाकर पशु ज्यादा दूध देते हैं और स्वस्थ रहते हैं. अगर आप अनाज बेचने के साथ-साथ इस चारे का स्टॉक कर लेते हैं या इसे मार्केट में बेचते हैं. तो यह आपकी एक्स्ट्रा इनकम का एक बड़ा जरिया बन जाता है. एक पंथ दो काज वाला यह फॉर्मूला बाजरे को गर्मियों की सबसे पसंदीदा फसल बनाता है.

  • दाना पकने के बाद पौधों को सही समय पर काटें जिससे चारे की मिठास और न्यूट्रिशन बना रहे.
  • सूखे चारे को सही तरीके से स्टोर करें जिससे जरूरत पड़ने पर उसे महंगे दामों में बेचा जा सके.

बाजरा सिर्फ एक अनाज नहीं बल्कि किसानों के लिए कमाई का एक कंप्लीट पैकेज है जो हर हाल में मुनाफा देता है.

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