आजकल ज्यादातर नई बाइक्स में ट्यूबलेस टायर दिए जाते हैं क्योंकि ये ट्यूब वाले टायर के मुकाबले ज्यादा सेफ और सुविधाजनक होते हैं. लेकिन जब रास्ते में अचानक टायर पंक्चर हो जाता है तो हम यह जरूर सोचते हैं कि कि क्या बाइक को आगे चलाया जा सकता है और अगर हां तो कितने किलोमीटर तक चलाना सही रहेगा? आइए डिटेल्स जानते हैं.
ट्यूबलेस टायर की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि इसमें पंक्चर होने के बाद हवा एकदम से नहीं निकलती बल्कि धीरे-धीरे कम होती है. कई बार कील या कोई नुकीली चीज टायर में फंसी रह जाती है, जिससे हवा का निकलना और भी स्लो हो जाता है. ऐसे में राइडर को संभलकर रुकने या पास की मरम्मत की दुकान तक पहुंचने का समय मिल जाता है.
पंक्चर होने पर क्या करें?
अगर पंक्चर छोटा है और हवा धीरे-धीरे निकल रही है तो आप बाइक को कम स्पीड में कुछ दूरी तक चला सकते हैं. आमतौर पर 1 से 5 किलोमीटर तक जाना पॉसिबल होता है. यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि टायर में हवा कितनी तेजी से निकल रही है और सड़क की हालत कैसी है? हालांकि स्मूद रोड पर आप थोड़ा ज्यादा चल सकते हैं, लेकिन खराब सड़क या गड्ढों वाली जगह पर यह दूरी और कम हो जाती है.
इन चीजों का रखें ध्यान
अगर टायर की हवा काफी कम हो चुकी है या लगभग पूरी तरह खत्म हो गई है, तो बाइक चलाना जोखिम भरा हो जाता है. ऐसे में टायर की साइड वॉल दबने लगती है, जिससे टायर को नुकसान हो सकता है. इसके साथ ही रिम पर भी असर पड़ता है और बाइक का बैलेंस बिगड़ सकता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है.
एक और जरूरी बात यह है कि पंक्चर के बाद बाइक को कभी भी तेज स्पीड में नहीं चलाना चाहिए. हमेशा स्लो स्पीड पर ही बाइक को आगे बढ़ाएं, ताकि आप कंट्रोल में रहें और टायर पर एक्स्ट्रा दबाव न पड़े. अचानक ब्रेक लगाने या तेज मोड़ लेने से भी बचना चाहिए, क्योंकि इससे टायर और ज्यादा खराब हो सकता है.
अगर पास में पंक्चर की दुकान नहीं है तो बेहतर होगा कि आप बाइक को धीरे-धीरे नजदीकी सर्विस सेंटर तक ले जाएं. लेकिन अगर टायर पूरी तरह बैठ चुका है तो बाइक को धक्का देकर ले जाना ही सुरक्षित विकल्प है. इसके अलावा आजकल ट्यूबलेस टायर के लिए पोर्टेबल पंक्चर रिपेयर किट भी मिलती हैं, जिन्हें साथ रखना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है.
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