Insurance Tips: क्लेम का एक पैसा भी नहीं मिलेगा! बीमा खरीदते वक्त न करें ये 6 गलतियां


हर व्यक्ति अपने परिवार के भविष्य के बारे में तो सोता ही है, ना केवल सोचता है बल्कि उसे सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास भी करता है. इसी प्रयास का एक हिस्सा है इंश्योरेंस! घर का मुखिया अपने पूरे परिवार का इंश्योरेंस करवाता ही है. ये प्लानिंग ऐसी होती है जो पूरे परिवार को आर्थिक मुश्किल से बचाने का काम करती है. लेकिन कई बार ना चाहते हुए भी हमसे ऐसी छोटी- छोटी गलतियां हो जाती हैं, जिनकी वजह से बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ जाता है. 

तो आइये आज इनमें से 6 ऐसी गलतियों के बारे में जानते हैं, जो हमें बीमा खरीदते समय नहीं करना चाहिए. ये छोटी गलतियां कभी- कभी बड़ा नुकसान कर देती हैं.

कम कवरेज लेना
इंश्योरेंस खरीदते समय नियम के हिसाब से हमें अपनी सालाना आय से 15-20 गुना ज्यादा कवरेज लेना चाहिए. जिससे हमारे जाने के बाद परिवार का जीवन पहले की तरह ही सुचारू रूप से चले. लेकिन हम कम प्रीमियम भरने के चक्कर में ऐसा नहीं करते और इसका खामियाना आगे चलकर परिवार को भुगतना पड़ता है.

क्या है सही उम्र?
बीमा लेने की कोई सही उम्र नहीं होती, अक्सर युवा सोचते हैं कि अभी हमारी उम्र गी क्या है जो बीमा करवाया जाए. लेकिन ऐसा नहीं है, अनहोनी कभी भी बताकर नहीं होती है. ऐसे में अपने परिवार का ख्याल रखते हुए हमें जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी इंश्योरेंस करवा लेना चाहिए. चाहे आप 20 साल के हों या 25 साल के, जितना जल्दी इंश्योरेंस करवा लेंगे उतना ज्यादा फायदा होगा.

CSR को इग्नोर करना
प्रीमियम चुनते समय हमेशा बहुत ध्यान देना चाहिए, कि किस कंपनी का चुन रहे हैं. कई बार हम सस्ते के चक्कर में फंस जाते हैं और CSR यानी क्लेम सेटलमेंट रेशियो के नजरअंदाज कर जाते हैं. ये बहुत बड़ी गलती और लापरवाही है, जो महंगी पड़ सकती है. बीमा खरीदने से पहले हमेशा IRDAI की वेबसाइट पर जाकर चेक करना चाहिए कि कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेशियो क्या है, इसके बाद उस कंपनी को ही चुनें जो 95% से ज्यादा क्लेम सेटल कर चुकी हो.

नॉमिनी के बारे में गलत जानकारी
ये तो आप खुद ही चुनते हैं कि आपको अपने बीमा का नॉमिनी किसे बनाना है. ऐसे में उस व्यक्ति के बारे में सही जानकारी प्रोवाइड करवाना, आपका ही काम है. कभी भी बीमा लेते समय नॉमिनी की जानकारी सही दें, यदि आपकी शादी हो गई है तो समय से नॉमिनी डीटेल्स अपडेट करा दें. इस बात को नजरअंदाज करने पर परिवरा कानूनी पचड़े में पड़ सकता है.

बेसिक प्लान ना लें
यदि आपने अब तक टर्म इंश्योरेंस नहीं लिया है तो आप ये गलती करने से बचें. हमेशा फंड बचाने के लिए बेसिक प्लान की ओर ना जाए. कुछ छोटे राइडर्स आपके प्लान को बहुत मजबूत बना सकते हैं. इससे आपको ही फायदा होगा, राइडर/एड-ऑन प्लान लेने से आपका भविष्य सुरक्षित रहेगा. इससे यदि आप भविष्य में बीमार पड़ते हैं या विकलांग हो जाते हैं तो प्रीमियम माफ हो जाएगा. इसके अलावा कोई गंभीर बीमारी है या एक्सिडेंट में डेथ हो गई है तो परिवार को एक्स्ट्रा पैसा भी मिल जाएगा. इससे परिवार सुरक्षित ही रहेगा.

जानकारियां छुपाना
वो कहते हैं ना कि डॉक्टर और वकील से कुछ छुपाना नहीं चाहिए. ऐसा ही कुछ टर्म इंश्योरेंस के साथ भी है. दरअसल टर्म प्लान लेते समय कई बार लोग अपनी किसी बीमारी या किसी पिछली पॉलिसी के बारे में छुपा लेते हैं, लेकिन ये चालाकी आपके ऊपर भारी पड़ सकती है. क्योंकि ऐसा करने पर यदि बीमा कंपनी को बाद में इसकी जानकारी होती है तो वो आपके क्लेम को रिजेक्ट कर देगी.

 



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