परिसीमन से बदलेगा पंजाब और हरियाणा का सियासी संतुलन? सुखबीर सिंह बादल के बयान ने मचाई खलबली


शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित जनसंख्या-आधारित परिसीमन को लेकर तीखी आपत्ति जताई है. पार्टी सुप्रीमो ने आरोप लगाया है कि महिलाओं के आरक्षण के नाम पर लाया जा रहा यह कदम पंजाब के साथ भेदभावपूर्ण है और संघीय ढांचे को कमजोर करने वाला है.

हालांकि बादल ने स्पष्ट किया कि वह महिलाओं के आरक्षण के पूरी तरह पक्ष में है, लेकिन इसे परिसीमन लागू करने की आड़ के रूप में इस्तेमाल किए जाने का कड़ा विरोध करती है. अकाली दल का कहना है कि इस प्रक्रिया से पंजाब को सबसे ज्यादा नुकसान होगा, क्योंकि राज्य में लोकसभा सीटों में केवल मामूली बढ़ोतरी की संभावना है, जबकि अन्य राज्यों को इसका अधिक लाभ मिलेगा.

अकाली दल चीफ ने हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सीटों में लगभग 100 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है, जिससे उसकी लोकसभा में हिस्सेदारी लगभग दोगुनी हो जाएगी. बादल का तर्क है कि जनसंख्या को ही परिसीमन का एकमात्र आधार बनाना उन राज्यों को सजा देने जैसा है, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण के राष्ट्रीय लक्ष्यों को सफलतापूर्वक लागू किया.

‘राघव चड्ढा ने अशोक मित्तल के घर पर कराई ED की रेड’, AAP ने किया बड़ा दावा

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और राजस्थान की बढ़ेगी ताकत!

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह पूरी कवायद चार हिंदी भाषी राज्यों-उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और राजस्थान- को लोकसभा में असंगत रूप से अधिक ताकत देने की कोशिश है. अकाली दल के अनुसार, इससे इन राज्यों की संयुक्त हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक हो सकती है, जो देश के संघीय ढांचे के लिए खतरा है.

बादल ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि वह पंजाब में सभी राजनीतिक दलों को साथ लेकर इस मुद्दे पर व्यापक विरोध की रणनीति बनाएगी. साथ ही, अकाली दल ने एक बार फिर महिलाओं के आरक्षण विधेयक के प्रति अपना समर्थन दोहराया है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *