ऑफिसर को बचाने नहीं ईरान के परमाणु ठिकाने तबाह करने ट्रंप ने भेजा था फाइटर जेट? सैटेलाइट से खुलासा


ईरान ने इस्फहान के पास 3 अप्रैल 2026 को एक अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट को मार गिराया था. यह जेट 48वें अमेरिकी फाइटर विंग का था. इस विमान में सवार दो अफसर में से एक को यूएस ने पहले ही बचा लिया था, जबकि दूसरे को रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए बचाया गया. Soar Atlas सैटेलाइट इमेज से खुलासा हुआ है कि यूएस F-15E फाइटर जेट का मलबा अभी भी वहीं पड़ा हुआ है.

इस्फहान प्रांत में अमेरिकी फाइटर जेट का मलबा

सैटेलाइट इमेज में इस्फहान प्रांत के शाहरेजा के पास एक पुराने एयरपोर्ट पर अमेरिका के कई फाइटर जेट का मलबा नजर आ रहा है. इस सैटेलाइट इमेज के सामने आने के बाद अमरिका के उस रेस्क्यू ऑपरेशन पर सवाल उठने लगे, जिसमें उसने अपने एक ऑफिसर को बचाने के लिए 155 विमानों का इस्तेमाल किया था. डोनाल्ड ट्रंप ने इसे सबसे साहसी बचाव अभियानों में से एक बताया, लेकिन अमेरिका ने इस ऑपरेशन के दौरान हुए नुकसान के बारे में बहुत कम जानकारी दी.

यूरेनियम कब्जा करने में विफल रहा अमेरिका: ईरान

जिस एयरपोर्ट पर अमेरिकी फाइटर जेट का मलबा नजर आ रहा है, वह इस्फहान परमाणु परिसर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित है. ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका का यूरेनियम पर कब्जा करने का यह अभियान विफल रहा.

ईरान ने कहा, ‘अमेरिका का विमान कोहगिलुयेह और बोयेर-अहमद प्रांत में गिरा. जहां अमेरिकी सैनिक उन्हें बचाने उतरे वह जगह इस्फहान था, जो कोहगिलुयेह से काफी दूर था.’ हालांकि अमेरिका ने अपने पायलट को तो बचा लिया, लेकिन उसे इस मिशन में कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा.’

अमरिका के किन-किन विमानों को किया गया तबाह

नई सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि एयरपोर्ट के राइट साइड दो अमेरिकी C-130 हरक्यूलिस विमान, दो MH-6 लिटिल बर्ड हेलीकॉप्टर का मलबा नजर आ रहा है. ट्रंप ने स्वीकार किया था कि लगभग 100 विशिष्ट अमेरिकी सैनिकों को ले जा रहे दो सी-130 विमानों को रेगिस्तान में फंस जाने के बाद तबाह करना पड़ा था. हालांकि, MH-6 हेलीकॉप्टर को लेकर कोई खास जानकारी नहीं दी गई थी, जिसे हवाई सपोर्ट के लिए तैनात किया गया था. ईरान ने दावा किया था कि उसने ऑपरेशन के दौरान दो अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर हमला किया था.

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