उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने असम के बारपेटा विधान सभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा से चुनावी रण की हुंकार भरी है. इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि असम की ये पावन धरा पूर्वोत्तर का द्वार है और हर भारत वासी मां कामाख्या का दर्शन करने यहां आता है. असम के इस पावन धरा पर आपसे संवाद करने आया हूँ, असम की अपनी गौरवशाली परंपरा रही है, यहां की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक परम्परा गौरवशाली रही है.
सीएम योगी ने इस जनसभा में कहा कि असम को लव जिहाद और लैंड जिहाद की धरती नहीं बनने देंगे. सीएम ने कहा कि डेमोग्राफी बदलने की कांग्रेस और यूडीएफ की साजिश को सफल नहीं होने देंगे. असम को घुसपैठियों का अड्डा नहीं बनने देंगे, ये केवल एनडीए की सरकार कर सकती है. अयोध्या में राम जन्मभूमि के लिए आंदोलन चलता था, असम से भी भक्त जाते थे.
वहीं सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस ने कहा कि राम तो हुए ही नहीं, कांग्रेस के सहयोगी दलों ने राम के अस्तित्व को नकारने का काम किया. पीएम के रूप में मोदी जी आए, यूपी में डबल ईंजन की सरकार बनी, 500 साल की जो तमन्ना थी, वो साकार हुई. अब यूपी में नो कर्फ्यू, नो दंगा यूपी में है सब चंगा. वहां सड़कों पर कोई नमाज नहीं पढ़ सकता है. वहां पर अब किसी भी धर्म स्थल से चिल्लाने की आवाज नहीं आती है. अगर किसी ने दंगा करने का दुस्साहस किया तो उसकी प्रॉपर्टी गरीबों में बांट दी जाती है. घुसपैठियों और दंगाइयों का कोई अधिकार नहीं होता है.
सीएम योगी ने कांग्रेस पर बोला हमला
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ NDA की भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व की सरकार जिसने भारत की संस्कृति को, भारत की परंपरा को, भारत की विरासत को सदैव आगे बढ़ाने का काम किया. एक तरफ NDA की भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व की सरकार जो सुरक्षा भी दे रही है और सुशासन के लक्ष्य को भी प्राप्त कर रही है और सेवा के माध्यम से बिना भेदभाव के शासन की योजना का लाभ हर गांव, गरीब, किसान, युवा और महिला तक पहुंचाने का काम कर रही है. एक और NDA डबल इंजन की सरकार 10 वर्ष के अंदर असम की कायाकल्प को बदलने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दी तो दूसरी ओर कांग्रेस नेतृत्व की सरकार ने 60 वर्षों तक असम के अंदर अराजकता, दंगों, घुसपैठ को बढ़ावा देकर यहां की सुरक्षा में रोक लगाने का काम किया.
