राजस्थान के भीलवाड़ा से बीजेपी सांसद दामोदर अग्रवाल को ठगने की कोशिश करने वाले एक साइबर अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ने खुद को भारत सरकार का केंद्रीय गृह सचिव बताकर सांसद को झांसे में लेने की कोशिश की, लेकिन सांसद की सतर्कता के कारण ठगी की यह साजिश नाकाम हो गई.
सांसद दामोदर अग्रवाल के व्हाट्सएप पर 15 मार्च की शाम को अज्ञात नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को भारत सरकार का गृह सचिव गोविंद मोहन बताया और कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उसे राजस्थान में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी दी है.
ऐसे हुआ ठगी का शक
आरोपी ने इस बहाने सांसद से भीलवाड़ा जिले के सभी विधायकों के मोबाइल नंबर मांगे. बातचीत के दौरान उन्हें शक हुआ तो सांसद दामोदर अग्रवाल ने तुरंत वास्तविक केंद्रीय गृह सचिव से दूरभाष पर संपर्क किया. गृह सचिव ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस प्रकार का कोई फोन नहीं किया है.
इसके बाद सांसद को साइबर ठगी की आशंका हुई और उन्होंने तुरंत भीलवाड़ा पुलिस को इसकी सूचना दी. सांसद की शिकायत पर भीलवाड़ा शहर के कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया. भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया.
दिल्ली के गाजीपुर से आरोपी को दबोचा
पुलिस ने बीएनएस की धारा 204, 319(2) और 62 के तहत प्रकरण दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की. तकनीकी साक्ष्यों और साइबर ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस टीम ने दिल्ली के गाजीपुर स्थित सपेरा बस्ती में दबिश देकर 20 वर्षीय आरोपी गौरव नाथ, पिता बहादुर सिंह नाथ को रविवार देर रात गिरफ्तार कर लिया.
आरोपी पर ठगी के पहले भी मामले दर्ज
पुलिस ने उसके पास से वह मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है, जिससे सांसद को व्हाट्सएप कॉल किया गया था. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले भी साइबर ठगी के मामलों में संलिप्त रहा है और उस पर पहले से छह मामले दर्ज हैं. पुलिस के अनुसार आरोपी कर्ज में डूबा हुआ था और उसने गूगल से सांसद का मोबाइल नंबर प्राप्त कर यह साजिश रची थी.
पुलिस ने क्या कहा?
वहीं घटना को लेकर भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि सांसद की शिकायत पर 16 मार्च को कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया था. इस मामले में साइबर सेल, दिल्ली पुलिस और आई 4 सी की मदद से कार्रवाई करते हुए आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है.
आरोपी टेलीफोन के माध्यम से खुद को गृह मंत्रालय का अधिकारी बताकर राजनीतिक जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहा था और सांसद को प्रलोभन देने का प्रयास भी किया गया था.
हो सकता है साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके अन्य साथियों तथा संभावित साइबर गिरोह के संबंध में भी जांच की जा रही है. पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है.
