Iran Oil Wells Count: मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल युद्ध ने दुनिया को एक बड़े ऊर्जा संकट के मुहाने पर खड़ा कर दिया है. इस जंग में अमेरिका की सीधी दखलंदाजी के बीच सबकी नजरें ईरान की उस तिजोरी पर हैं, जो जमीन के नीचे दफन है. ईरान के पास कच्चे तेल का इतना विशाल भंडार है कि वह वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा बदल सकता है. अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश भी इस बात से वाकिफ हैं कि ईरान के तेल के कुओं को निशाना बनाना या उनकी गिनती करना कोई आसान काम नहीं है. यह तेल भंडार न केवल ईरान की ताकत है, बल्कि युद्ध के समय में उसकी सबसे बड़ी ढाल भी है.
ईरान के पास कितना विशाल तेल का भंडार?
दुनिया के नक्शे पर ईरान एक ऐसा देश है जिसके पास कच्चे तेल का बेशुमार खजाना है. आंकड़ों की बात करें तो ईरान दुनिया के उन शीर्ष पांच देशों में शामिल है, जिनके पास सबसे अधिक तेल भंडार है. एक अनुमान के मुताबिक, ईरान के पास लगभग 208 बिलियन बैरल कच्चे तेल का भंडार सुरक्षित है. वैश्विक स्तर पर देखें तो अकेले ईरान के पास दुनिया के कुल तेल भंडार का करीब 11 से 12 प्रतिशत हिस्सा मौजूद है. यही कारण है कि ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग में कच्चे तेल की कीमतों को लेकर पूरी दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है.
ईरान में कितने सक्रिय तेल के कुएं?
ईरान में तेल के कुओं की सटीक संख्या कितनी है, यह आज भी एक रहस्य बना हुआ है. ईरान ने कभी भी सार्वजनिक तौर पर अपने सक्रिय कुओं की आधिकारिक गिनती शेयर नहीं की है. हालांकि, विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स और खुफिया डेटा के अनुसार, ईरान में 3500 से 4000 के बीच सक्रिय तेल के कुएं हैं. युद्ध की स्थिति में इन हजारों कुओं की निगरानी करना या उन्हें तबाह करना अमेरिका और इजरायल जैसी ताकतों के लिए भी नामुमकिन जैसा है. इतनी बड़ी संख्या में फैले इन कुओं को गिनते-गिनते कोई भी आधुनिक सेना थक सकती है.
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किन राज्यों में सबसे ज्यादा तेल के कुओं की भरमार?
ईरान के तेल भंडार मुख्य रूप से उसके दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में केंद्रित हैं. खुजेस्तान प्रांत को ईरान की तेल की राजधानी कहा जा सकता है, क्योंकि यहीं सबसे ज्यादा कुएं मौजूद हैं. इसके अलावा बुशेहर, इलाम और फार्स जैसे प्रांतों में भी बड़े स्तर पर तेल निकाला जाता है. फारस की खाड़ी (Persian Gulf) के ऑफशोर इलाकों में भी ईरान ने अपने पैर जमा रखे हैं. युद्ध के लिहाज से ये इलाके बेहद संवेदनशील हैं, क्योंकि यहीं से ईरान की अर्थव्यवस्था को संजीवनी मिलती है और अमेरिका की नजरें भी इन्हीं रणनीतिक ठिकानों पर टिकी रहती हैं.
दुनिया के सबसे बड़े तेल और गैस फील्ड
ईरान के पास केवल तेल के कुएं ही नहीं, बल्कि दुनिया के कुछ सबसे बड़े हाइड्रोकार्बन फील्ड भी हैं. अब तक की खोज के अनुसार, ईरान में कुल 145 हाइड्रोकार्बन फील्ड मिल चुके हैं, जिनमें 102 तेल और 43 गैस फील्ड शामिल हैं. अहवाज, मरुन, अगहाजारी और गचसारन जैसे नाम दुनिया के सबसे बड़े ऑनशोर तेल क्षेत्रों में गिने जाते हैं. इन फील्ड्स की गहराई और फैलाव इतना ज्यादा है कि ईरान पर लगे कड़े प्रतिबंधों के बावजूद वह अपनी ऊर्जा शक्ति को बनाए रखने में सक्षम है. अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए ईरान की यह ऊर्जा क्षमता एक बड़ी चुनौती है.
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