2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में आरोपी शरजील इमाम की सोमवार को पैरोल अवधि समाप्त हो रही है. तिहाड़ जेल में सरेंडर करने के लिए शरजील इमाम बिहार स्थित अपने पैतृक गांव से दिल्ली के लिए रवाना हो गया है. शाम तक उसके जेल पहुंचने की उम्मीद है.
परिवार से गले मिला, फिर दिल्ली के लिए निकला
बिहार के जहानाबाद में अपने पैतृक गांव काको से निकलने से पहले शरजील इमाम अपने परिवार के सदस्यों से गले मिला और उसके बाद दिल्ली लौटने के लिए निकल पड़ा. शरजील के भाई मुजम्मिल इमाम ने कहा कि शरजील को 11 दिन की पैरोल मिली थी और आज उसका आखिरी दिन है, इसलिए शरजील को आज शाम से पहले सरेंडर करना होगा.
पैरोल अवधि के दौरान शरजील ने परिवार और अपने दोस्तों के साथ समय बिताया. मुजम्मिल ने उम्मीद जताई कि आगे रिहाई मिले और वह सुकून से पूरा समय अपने परिवार और लोगों के बीच गुजार सके. उन्होंने यह भी कहा कि शरजील के बाहर आने पर खुशी हुई थी लेकिन जब कोई व्यक्ति जेल जाता है तो दर्द भी होता है.
छोटे भाई की शादी लिए मिली थी अंतरिम जमानत
दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने शरजील इमाम को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के पीछे की कथित बड़ी साजिश के मामले में 10 दिन की अंतरिम जमानत दी थी जिसकी अवधि अब खत्म हो रही है. अदालत ने शरजील को 20 मार्च से 30 मार्च तक के लिए अंतरिम जमानत दी थी ताकि वह अपने छोटे भाई की शादी में शामिल हो सके और अपनी बीमार मां की देखभाल कर सके.
50 हजार का मुचलका, मीडिया और सोशल मीडिया पर रोक
यह जमानत कुछ कड़ी शर्तों के साथ दी गई थी. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने शरजील को यह अस्थायी राहत देते हुए निर्देश दिया था कि वह 50,000 रुपये का निजी मुचलका और इतनी ही राशि के दो जमानतदार पेश करे. अदालत ने उन पर कुछ कड़ी पाबंदियां भी लगाई थीं जिनमें अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान मीडिया से बातचीत करने या सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने पर रोक शामिल थी.
