मिस्र के विदेश मंत्री के साथ फोटो खिंचाने जा रहे थे PAK के डिप्टी PM इशाक डार, स्टेज पर पहुंचते ही गिरे, देखें Video


मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की पहल की है. 29 मार्च (रविवार) को इसी को लेकर सऊदी अरब, तुर्किए और मिस्र के विदेश मंत्री इस्लामाबाद पहुंचे हैं. मीटिंग से पहले पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार मिस्र और विदेश मंत्री बद्र अहमद मोहम्मद अब्देलत्ती का फोटो सेशन होना था, लेकिन जैसे ही डार फोटो खिंचाने के लिए आगे बढ़ते हैं, उनका पैर फिसल जाता है और वह मंच पर पहुंचते ही धड़ाम से गिर जाते हैं.

घटना का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें दिखाई दे रहा है कि पाकिस्तानी विदेश मंत्री डार मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अहमद मोहम्मद अब्देलत्ती के साथ वार्ता से पहले झंडे के पास तस्वीर खिंचवाने के लिए जैसे ही आगे बढ़ते हैं, उनका बैलेंस बिगड़ जाता है और वह फिसरकर जमीन पर गिर जाते हैं. इस नजारे को देखकर वहां मौजूद हर शख्स दंग रह जाता है. डार के गिरते ही वहां मौजूद लोग उनको उठाने के लिए आगे बढ़ते हैं.

नहीं आई गंभीर चोट 

हालांकि, वीडियो के फुटेज से पता चल रहा है कि उनको कोई गंभीर चोट नहीं आई है. पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने संभलने के बाद दोबारा मिस्र और विदेश मंत्री बद्र अहमद मोहम्मद अब्देलत्ती के साथ फोटो खिंचवाई. इस दौरान वह मुस्कुराते नजर आई.

ईरान युद्ध को लेकर पाकिस्तान में बैठक

बता दें कि मिडिल ईस्ट में तनाव के लिए चर्चा करने के लिए पाकिस्तान में इस बैठक का आयोजन 29 और 30 मार्च को होने जा रहा है. सऊदी अरब, तुर्किए और मिस्र के विदेश मंत्रियों की पाकिस्तान में इस बैठक के दौरान ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच इलाके में चल रहे तनाव को कम करने की कोशिशों समेत कई मुद्दों पर बातचीत होगी.

इससे पहले विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा, ईरान पाकिस्तानी झंडे वाले 20 और जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत देने पर राजी हो गया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘मुझे यह अच्छी खबर बताते हुए खुशी हो रही है कि ईरान सरकार पाकिस्तानी झंडे के नीचे 20 और जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत देने पर राजी हो गई है; रोजाना दो जहाज स्ट्रेट से गुजरेंगे. यह ईरान का एक अच्छा कदम है और तारीफ के काबिल है. यह शांति का संकेत है और इस इलाके में स्थिरता लाने में मदद करेगा.’





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