पंजाब में कितने दिनों का पेट्रोल-डीजल का इमरजेंसी स्टॉक, CM भगवंत मान ने दी जानकारी, PM से की ये मांग


मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के चलते ऊर्जा आपूर्ति को लेकर जारी चिंताओं के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में इमरजेंसी की स्थिति के लिए पेट्रोल-डीजल के भंडार की जानकारी दी है. उन्होंने कहा है कि राज्य में आपात स्थिति के लिए 12 दिन का पेट्रोल और 14 दिन का डीजल भंडार मौजूद है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि वो किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें.

सीएम मान ने कहा कि शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्रियों की बैठक में उन्होंने राज्य में पेट्रोल-डीजल की स्थिति के बारे में अवगत कराया है. उन्होंने कहा कि यह स्टॉक आपात स्थिति के लिए है और रेगुलर आ रही पेट्रोल और डीजल की सप्लाई के अलावा है. 

पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग

भगवंत मान ने कहा, ”हमने बैठक में प्रधानमंत्री से मांग की है कि आनेवाले दिनों में पंजाब में गेहूं की कटाई और भंडारण का काम होगा और इसके लिए पेट्रोल और डीजल की सही सप्लाई सुनिश्चित की जाए. आने वाले दिनों में धान की फसल भी लगाई जाएगी, इसलिए राज्य में डाय अमोनियम फॉस्फेट (DAP) की उचित सप्लाई सुनिश्चित की जानी चाहिए.” 

पंजाब के गोदामों में 41 लाख मीट्रिक टन गेहूं- भगवंत मान

CM मान ने आगे कहा कि संकट की स्थिति से निपटने में पंजाब देश में अग्रणी राज्यों में रहता है और इस बार भी मैने प्रधानमंत्री से अपील की है कि राज्य के अनाज भंडारण में जो अनाज है वो केंद्र सरकार अपनी योजनाओं के जरिए गरीब लोगों तक पहुंचाए. उन्होंने कहा, ”राज्य के गोदामों में फिलहाल 41 लाख मीट्रिक टन गेहूं है जबकि लगभग 130 लाख मीट्रिक टन गेहूं अप्रैल के महीने में आ जाएगी क्योंकि अब फसल काटने का काम शुरू होने वाला है. इसके अलावा प्रदेश के गोदामों में 139 लाख मीट्रिक टन चावल है.

स्पेशल ट्रेन चलाकर अनाज निकालने की मांग

उन्होंने कहा कि हमने प्रधानमंत्री से मांग की है कि विशेष ट्रेन चलाकर ये अनाज निकाला जाए ताकि आने वाली गेहूं की फसल सही तरीके से रखी जा सके. उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के अलग अलग नेताओं के साथ अपने दोस्ताना संबंधों की बात करते रहते हैं इसलिए बैठक में उन्होंने उनसे अपील की है कि वे इन संबंधों का इस्तेमाल करके देश के जहाजों को समुद्र से निकलवाएं. मैंने बैठक में ये मुद्दा उठाया कि एक तरफ हम विश्वगुरु बनने की बातें करते हैं तो दूसरी तरफ सब कुछ अमेरिका से पूछ कर किया जा रहा है.”



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *