उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने एक बड़ा बयान दिया है, जो वैश्विक राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है. मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच किम जोंग-उन ने कहा कि ईरान पर अमेरिका के हमले को देखकर यह सवाल उठता है कि उत्तर कोरिया के पास परमाणु हथियार क्यों नहीं होने चाहिए.
किम जोंग-उन का बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि अगर किसी देश के पास मजबूत रक्षा (जैसे परमाणु हथियार) नहीं है तो वह बाहरी हमलों के लिए कमजोर हो सकता है. इस बयान को ऐसे समझा जा रहा है कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रम को सही ठहराने की कोशिश कर रहा है. वह यह दिखाना चाहता है कि परमाणु ताकत ही सुरक्षा की गारंटी है.
नॉर्थ कोरिया में पहले से क्या स्थिति है?
नॉर्थ कोरिया पहले से ही परमाणु हथियार रखने वाला देश माना जाता है और इस मुद्दे पर कई बार अमेरिका के साथ उसका टकराव हो चुका है. किम का यह बयान ऐसे समय आया है, जब मध्य पूर्व में जंग चल रही है. ऐसी स्थिति में दुनिया में हथियारों की होड़ और बढ़ सकती है. छोटे देश भी अपनी सुरक्षा के लिए परमाणु ताकत पर जोर दे सकते हैं.
नॉर्थ कोरिया के पास बड़ी मिसाइल
नॉर्थ कोरिया दुनिया के उन देशों में शामिल है, जिनकी ताकत का बड़ा कारण उनके हथियार हैं. खासकर उनके परमाणु हथियार, मिसाइलें और बड़ी सेना उन्हें अलग बनाती हैं. अगर परमाणु हथियारों की बात करें तो अनुमान के अनुसार उत्तर कोरिया के पास करीब 20 से 60 परमाणु हथियार हो सकते हैं. इस देश ने कई बार परमाणु परीक्षण किए हैं और वह लगातार अपने हथियारों को और मजबूत बनाने की कोशिश कर रहा है. यही वजह है कि दुनिया के बड़े देश भी इसे गंभीरता से लेते हैं.
मिसाइलों के मामले में भी उत्तर कोरिया काफी आगे है. उसके पास छोटी दूरी, मध्यम दूरी और लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें मौजूद हैं. खास बात यह है कि उसकी लंबी दूरी वाली ICBM मिसाइलें करीब 10,000 किलोमीटर से ज्यादा तक जा सकती हैं, यानी वह अमेरिका तक पहुंचने की क्षमता रखता है.
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