भूकंप के तेज झटकों से डोली धरती, 7.6 तीव्रता का कंपन, घरों से भागे लोग


ओशनिया महाद्वीप के टोंगा क्षेत्र के पास नेयाफू में मंगलवार (24 मार्च) को 7.6 तीव्रता का तेज भूकंप आया. अब तक किसी नुकसान की सूचना नहीं मिली है. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGL) के मुताबिक भूकंप 235 किलोमीटर से अधिक की गहराई पर आया था.

बता दें टोंगा द्वीपीय देश है, जिसमें 171 द्वीप शामिल हैं. यह यह ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट से करीब 3500 किलोमीटर दूर स्थित है. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित टोंगा के नेयाफू से करीब 153 किलोमीटर दूर पश्चिम में भूकंप आया. USGL के डेटा के मुताबिक भूकंप स्थानीय समय अनुसार 9.37 पर आया.

सुनामी की चेतावनी

शक्तिशाली भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की है. प्रशांत महासागर सुनामी चेतावनी केंद्र (PTWC) की ओर से कहा गया कि भूकंप जमीन के बहुत भीतर आया था. बता दें एकदिन पहले (23 मार्च) को भी टोंगा के हिहिफो में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया था. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, यह भूकंप 79.7 किलोमीटर की गहराई पर था.

नेपाल और सिक्किम में भी भूकंप के झटके

इससे पहले नेपाल में भी सोमवार (23 मार्च) को दोपहर में भूकंप के झटके महसूस किए गए. जिसकी तीव्रता 4.1 मापी गई थी. भूकंप के चलते किसी भी तरह के नुकसान की खबर नहीं है. भूकंप का केंद्र बाझंग के रायल क्षेत्र के पास स्थित था. नेपाल में वर्ष में कई बार भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं, यह सबसे सक्रिय विवर्तनिक क्षेत्रों (भूकंपीय क्षेत्र चार और पांच) में से एक में स्थित है, जो इसे भूकंप के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बनाता है. नेपाल विश्व में भूकंप के सबसे अधिक खतरे वाले देशों की सूची में 11वें स्थान पर है.

22 मार्च को सिक्किम में 4.1 तीव्रता का हल्का भूकंप आया था.  राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई. शनिवार रात आठ बजकर 41 मिनट पर आए भूकंप का केंद्र मंगन जिले में सतह से 14 किलोमीटर नीचे स्थित था.



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