अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनियाभर में बढ़ते डीजल-पेट्रोल की कीमतों को लेकर नाटो देशों पर ठीकरा फोड़ा है. ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में ये देश अमेरिका की मदद नहीं करना चाहते और तेल की ऊंची कीमतों की शिकायत करते हैं. उन्होंने कहा कि ये लोग कायर हैं और हम इन्हें याद रखेंगे.
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा, ‘अमेरिका के बिना नाटो एक कागजी शेर है! वे परमाणु शक्ति संपन्न ईरान को रोकने की लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते थे.’
अमेरिका का समर्थन नहीं कर रहा नाटो: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से ईरान के खिलाफ युद्ध में समर्थन करने का आग्रह किया है, लेकिन कई देशों ने अपने समर्थन से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ युद्ध में अकेले लड़ रहा है और नाटो के सदस्य देश इसका समर्थन नहीं कर रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा, ‘अब जब यह लड़ाई सैन्य रूप से जीत ली गई है और उनके लिए खतरा बहुत कम है तो वे तेल की ऊंची कीमतों की शिकायत करते हैं, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट को खोलने में मदद नहीं करना चाहते, जो एक साधारण सैन्य कार्रवाई है और तेल की ऊंची कीमतों का एकमात्र कारण है.’
ट्रंप ने नाटो देशों के नेताओं को बताया डरपोक
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके लिए यह करना कितना आसान है, कितना कम जोखिम है. उन्होंने नाटो देशों को धमकी देते हुए कहा कि ये लोग कायर हैं और हम इन्हें याद रखेंगे.
ईरान जंग से दुनिया में पैदा हुआ तेल संकट
इस जंग में ईरान ने खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों पर हमले किए, जिसकी वजह से एनर्जी उत्पादन भी धीमा पड़ गया है. इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही पर भी ईरान ने शुरुआत में प्रतिबंध लगा दिया था, जिसके बाद दुनियाभर में तेल संकट पैदा हो गया. हालांकि बाद में जब ट्रंप ने दुनिया के सभी देशों से होर्मुज में अमेरिका की मदद मांगी तो तेहरान की ओर से कहा गया कि वो सिर्फ अमेरिका-इजरायल के जहाजों को पार नहीं करने देंगे.
वहीं ट्रंप की अपील पर यूरोपीय देशों ने जंग में उतरने से साफ इनकार कर दिया. इंग्लैंड से लेकर फ्रांस जैसे देशों ने भी साफ किया कि ये जंग अमेरिका की है, नाटो की नहीं. इसलिए हम इस जंग में अपने सैनिक नहीं भेजेंगे. उनके इस बयान ने ट्रंप चिढ़े हुए हैं.
