बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाने वाले हैं. उनके राज्यसभा जाने पर आरजेडी के कद्दावर नेता शिवानंद तिवारी ने प्रतिक्रिया दी है. अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से उन्होंने नीतीश कुमार के इस फैसले को लेकर काफी कुछ कहा है. साथ ही मुख्यमंत्री से जुड़ी पुरानी बातों का जिक्र किया है.
बीते बुधवार (18 मार्च, 2026) को शिवानंद तिवारी ने फेसबुक पोस्ट के जरिए कहा कि मुझे नहीं मालूम कि राज्यसभा का सदस्य बनने के बाद नीतीश कुमार आगे क्या करने वाले हैं. एक चर्चा यह है कि वे केंद्र सरकार में मंत्री बन सकते हैं. केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल होना या न होना उनकी इच्छा पर निर्भर करता है, लेकिन यदि ऐसा होता है तो एक तरह से यह नरेंद्र मोदी की नैतिक विजय मानी जाएगी.
‘…तो इससे बड़ा गौरव और क्या हो सकता है’
उन्होंने कहा, “याद कीजिए, ये वही नीतीश कुमार हैं जो कभी नरेंद्र मोदी का चेहरा तक देखना नहीं चाहते थे. नरेंद्र मोदी की वजह से उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों के लिए रखा गया भोज तक रद्द कर दिया था. ऐसे में यदि वह आज नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल के सदस्य बनते हैं, तो मोदी जी के लिए इससे बड़ा गौरव और क्या हो सकता है!”
शिवानंद तिवारी ने कहा कि एक समय में उन्होंने नीतीश कुमार के साथ काम किया है. अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल के सदस्य रहने के बाद और बिहार में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने के बाद क्या उनके लिए मोदी मंत्रिमंडल का सदस्य बनना उचित और गरिमापूर्ण होगा? एक समय ऐसा भी था जब एनडीए गठबंधन के लिए बिहार के चुनाव प्रचार में उन्होंने नरेंद्र मोदी को आने नहीं दिया था. वे कहा करते थे कि बिहार में एक मोदी पहले से मौजूद है (सुशील मोदी) दूसरे मोदी की यहां क्या जरूरत है.
‘एनडीए गठबंधन का राष्ट्रीय संयोजक बनाना अनुकूल’
आरजेडी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि अगर नरेंद्र मोदी सचमुच नीतीश कुमार को सम्मान देना चाहते हैं, तो एनडीए गठबंधन का राष्ट्रीय संयोजक बनाना उनकी प्रतिष्ठा के अधिक अनुकूल होगा. इससे उनकी गरिमा भी बनी रहेगी और गठबंधन की राजनीति में उनकी भूमिका भी बनी रहेगी.
