ईद को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है. रमजान के महीने के बाद ईद का त्योहार खास महत्व रखता है, इसीलिए लोगों को चांद दिखने का बेसब्री से इंतजार रहता है. 18 मार्च यानी आज गुरुवार को भी सऊदी अरब में चांद नजर नहीं आया. सऊदी अरब ने ईद उल फितर 2026 ( eid ul fitr 2026) की तारीख की घोषणा कर दी है. सऊदी अरब में शुक्रवार (20 मार्च) को ईद मनाई जाएगी.
सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक, सऊदी सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को रमजान के आखिरी दिन और शुक्रवार को ईद अल-फितर का पहला दिन घोषित किया है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर और बहरीन ने भी शुक्रवार को ईद अल-फितर का पहला दिन घोषित किया है.
दरअसल, ईद-उल-फितर कब होगा, यह चांद दिखने पर निर्भर करता है. इस्लामिक कैलेंडर चंद्रमा की गति पर आधारित है. यह वजह है कि ईद की सही तारीख पहले से तय नहीं होती है. हर साल रमजान के आखिरी दिन चांद दिखाई देने के बाद ही ईद का ऐलान किया जाता है.
भारत में ईद कब मनाई जाएगी, यह सामान्य तौर पर सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों में चांद नजर आने के आधार पर भी तय किया जाता है. सऊदी अरब में 18 मार्च को ईद का चांद नजर नहीं आया है. जिसके बाद वहां 20 मार्च यानी शुक्रवार को ईद मनाई जाएगी.
भारत में कब मनाई जाएगी ईद?
मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि 19 मार्च को ईद का चांद देखा जाएगा और अगर उस दिन चांद नजर आ गया तो 20 मार्च को, अन्यथा 21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि इसका ऐलान रात साढ़े सात बजे कर दिया जाएगा.
ईद-उल-फितर को ‘मीठी ईद’ भी कहा जाता है. सुबह से ही लोग मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए पहुंचते हैं. इसके बाद गले मिलकर एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद देते हैं. ईद पर घरों में खीर और सेवइयां जैसे पकवान बनाए जाते हैं. इस पर्व को लोग भाईचारे के साथ मिलकर मनाते हैं.
