वाराणसी में गंगा नदी में नाव पर इफ्तार करने और कथित रूप से बिरयानी खाने के मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इस मामले पर अब AIMIM के नेता वारिस पठान की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि देश में मुसलमानों के खिलाफ नफरत की वेव चली आ रही है. हमने अपनी जिंदगी में मुसलमानों के खिलाफ इतनी नफरत कभी नहीं देखी.
वारिस पठान ने कहा, ”रोजे का वक्त हो गया और 14 लोग बोट के अंदर इफ्तार कर रहे हैं और आप उनपर एफआईआर करके जेल में डाल देंगे. मैं पूछना चाहता हूं कि कानून के कौन से प्रावधान के तहत आपने इनलोगों के ऊपर एफआईआर की और जेल में डाला. वहां पर लोग शराब पी रहे हैं उनके खिलाफ केस नहीं होता है. इंसानों के जले हुए मांस वहां पर फेंके जा रहे हैं तब कुछ नहीं होता है.”
धमकाया जा रहा कि ईद पर खून की होली खेलेंगे- वारिस पठान
उन्होंने उदाहरण देते हुए आगे कहा, ”कोविड काल के दौरान हजारों की संख्या में वहां लाशें फेंकी गईं, सीवरेज का गंदा पानी वहां पर डाला जा रहा है तब कुछ नहीं होता लेकिन मुसलमान सिर्फ वहां पर रोजा खोल लिया तो आपने कहा कि आपने चिकन के टुकड़े फेंके. कुछ नहीं बस बेबुनियाद झूठे इल्जाम लगाओ, मुसलमानों को परेशान करो. दिल्ली के अंदर उत्तम नगर की घटना देखिए क्या हो रहा है. खुलेआम नरसंहार की बात की जा रही है. कहा जा रहा है कि मस्जिद के बाहर गोश फेंक देंगे. खुलेआम धमकाया जा रहा है कि ईद पर खून की होली खेलेंगे.”
क्या मुसलमान होना गुनाह हो चुका है- वारिस पठान
AIMIM के नेता वारिस पठान सवाल किया, ”इस देश के अंदर क्या मुसलमान होना एक गुनाह हो चुका है? मुसलमानों को डराया और धमकाया जाएगा और सरकारें खामोश बैठी रहेंगी. क्या नमाज पढ़ने पर भी पाबंदी लगा दी जाएगी? क्या झूठे केस में फंसाकर मुसलमानों को जेलों में बंद कर दिया जाएगा? बीजेपी और बजरंग दल ये नफरत किस दिशा में लेकर जा रहे हैं, आप सभी इसे खुद देख सकते हैं. अभी भी अगर सरकार सही वक्त पर सही कदम नहीं उठाई तो देश की सेक्युलरिज्म जीरो हो जाएगी. देश के अंदर सिर्फ नफरत और नफरत दिखेगा.”
