मिडिल ईस्ट की जंग में पाकिस्तान बीच की स्थिति में फंसा है. शहबाज शरीफ डिफेंस डील की वजह से कभी सऊदी अरब के साथ खड़े नजर आते हैं तो कभी ईरान को खुश करने के लिए उसके पक्ष में बयान दे देते हैं. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार (16 मार्च 2026) को अमेरिका और इजरायल के हमले के बीच शहबाज सरकार और वहां के लोगों को समर्थन के लिए धन्यवाद कहा है. शहबाज शरीफ ने पिछले हफ्ते ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बात की थी.
अब्बास अराघची ने पाकिस्तान को शुक्रिया कहा
अब्बास अराघची ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘इस मुबारक और पवित्र दिन (शब-ए-कद्र) पर इजरायल और अमेरिकी सरकार की आक्रामकता के सामने ईरान का साथ देने के लिए पाकिस्तान की सरकार और वहां के लोगों की एकजुटता के लिए दिल से शुक्रिया अदा करता हूं.’ उन्होंने दोहराया कि ईरान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. अराघची ने ईरानी लोगों से धैर्य बनाए रखने का आह्वान भी किया.
ان بابرکت، الٰہی اور روحانی دنوں اور گھڑیوں میں،
میں حکومت اور عوامِ پاکستان کا تہہِ دل سے شکریہ ادا کرتا ہوں کہ انہوں نے امریکہ اور صہیونی رجیم کی جارحیت کے مقابلے میں عوام اور حکومتِ اسلامی جمہوریہ ایران کے ساتھ اپنی یکجہتی اور حمایت کا بھرپور اظہار کیا۔— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) March 16, 2026
सऊदी स्थित यूएस सैन्य अड्डे को निशाना बना रहा ईरान
अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान खाड़ी देशों में स्थित उसके सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है. पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच पिछले साल एक डिफेंस डील हुई थी, जिसके तहत किसी एक देश पर हमला दोनों देशों पर हमला माना जाएगा. ईरान ने जब सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए तो पाकिस्तान ने सऊदी के पक्ष में सिर्फ बयान देने अलावा कुछ नहीं किया.
अरब देशों पर हमले को लेकर अराघची का बयान
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल कुछ स्थानों से पश्चिम एशिया में अरब देशों पर हमले कर रहे हैं. न्यूज एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक अराघची ने रविवार (15 मार्च 2026) को कहा कि ईरान क्षेत्रीय देशों के साथ मिलकर बैठक करने और हमलों के लक्ष्यों की प्रकृति की जांच के लिए एक संयुक्त समिति बनाने के लिए तैयार है.
उन्होंने कहा कि ईरान के हमले केवल अमेरिकी ठिकानों और हितों को निशाना बनाते हैं, और यह उन हमलों के बदले में है जो इन साइट्स से शुरू किए गए थे. अराघची ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के शाहेद 136 ड्रोन के समान एक ड्रोन विकसित किया है, जिसका नाम लुकास है, जो अरब देशों में लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए है.
