उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग की है. उनके इस मांग पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कन्फ्यूज नजर आ रही है.
पार्टी के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने इस मांग पर कहा है कि मायावती का सवाल क्या है? उन्होंने कहा कि मुझे तो सवाल ही समझ नहीं आ रहा. वह NDA से क्या कह रही हैं, ‘कोई गलती मत करना, यानी दें या न दें, क्या करें? सांसद ने कहा कि उनकी डिमांड क्या है? दरअसल आजकल बहन जी बहुत शांत हो गईं हैं और बहुजन मूवमेंट का नुकसान हो रहा है.
बसपा चीफ मायावती ने क्या कहा था?
बता दें कांशीराम जयंती पर एक बयान में बसपा चीफ ने कहा था कि कांग्रेस पाटी द्वारा संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर को भारतरत्न से सम्मानित नहीं करने की तरह ही वर्तमान में केन्द्र की बीजेपी / एनडीए सरकार भी बुहजन नाय कांशीराम को भारतरत्न से सम्मानित करने में और देरी ना करे, क्योंकि देश में संविधान की मंशा के अनुसार ‘समतामूलक समाज’ तैयार करने के मामले में उनका योगदान ऐतिहासिक है और इस कारण वे भी लोगों के दिलों में बसते हैं. कांशीराम ने अपने मिशन पर पूरी ज़िद के साथ काम करते हुये ‘बहुजन समाज’ को बीएसपी के बैनर तले एकजुट करके ना केवल राजनीतिक शक्ति बनायी बल्कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल व महत्त्वपूर्ण राज्य में सरकार बनायी और मुझे मुख्यमंत्री भी बनाया.
कांशीराम पर राहुल-अखिलेश ने की ये मांग
इससे पहले कांग्रेस के नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में एक कार्यक्रम के दौरान 13 मार्च को प्रस्ताव पास किया गया था कि कांशीराम को भारत रत्न दिया जाए. इस दौरान यह भी कहा गया था कि यह तभी होगा जब राहुल गांधी, प्रधानमंत्री बनेंगे.
इसके अलावा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने भी कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग की है.
