भारत ने बुधवार (11 मार्च 2026) को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरात आ रहे एक कार्गो शिप पर हुए हमले की निंदा की. भारत ने कहा कि कार्गो शिप को निशाना बनाने से बचना चाहिए. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पुष्टि की है कि मिडिल-ईस्ट में व्यापारी जहाज पर हुए हमले में दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि एक लापता बताया जा रहा है.
भारत आ रहे जहाज को निशाना बनाने पर MEA का बयान
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘हमें 11 मार्च को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में थाईलैंड के कार्गो शिप मयूरी नारी पर हुए हमले की खबरें मिली है. यह जहाज गुजरात के कांडला जा रही थी. पश्चिम एशिया में चल रहे जंग के बाद के सैन्य हमलों में कार्गो शिप को निशाना की भारत निंदा करता है. इस जंग में शुरुआती हमले में भारतीय नागरिकों समेत कई लोगों की जानें जा चुकी हैं. भारत इस बात को दोहराता है कि कार्गो शिप और निर्दोष नागरिक की जान को खतरे में डालने से बचना चाहिए.’
IRGC ने बताया कि क्यों किया हमला?
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने कहा कि उसने लाइबेरियाई ध्वज वाले कंटेनर जहाज एक्सप्रेस रोम और थाई कार्गो शिप मयूरी नारी पर हमला किया क्योंकि उन्होंने चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एंट्री किया था. IRGC के नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसिरी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहा कि किसी भी जहाज को यहां से गुजरने के लिए ईरान से परमिशन लेनी होगी.
ईरानी के हालात पर भारत ने चिंता जताई
इसके अलावा, ईरानी सेना के ऑपरेशनल कमांड ने सरकारी टीवी पर घोषणा की है कि अमेरिका, इजरायल या उनके सहयोगियों से संबंधित किसी भी जहाज को लक्ष्य माना जाएगा. इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एक लीडर तेल भी नहीं गुजरने देने की चेतावनी दी. MEA प्रवक्ता जायसवाल ने बताया कि ईरान को लेकर भी भारत चिंतित है क्योंकि वहां पर हमारे नौ हजार लोग फंसे हैं. कुछ ने पहले हमारी एडवाइजरी पर ध्यान दिया और स्वदेश लौटे, लेकिन कई अभी भी वही हैं और उनसे दूतावास संपर्क साध रहा है.
