Varanasi News: ‘जब रोकेंगे तो रुक जाएंगे, लेकिन…’, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने शुरू की धर्मयुद्ध यात्रा


शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपनी गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा की शुरुआत कर दी है. इस दौरान वह पालकी में सवार होकर निकले हैं. पालकी में बैठते ही उन्होंने सरकार पर हमला बोल दिया है. शंकराचार्य ने यात्रा को लेकर कहा कि अभी तो जरूरी हो गई है और मजबूरी हो गई. अपने द्वारा चुनी सरकारों के सामने अपनी गौ-माता को बचाने के लिए युद्ध करना पड़ रहा है. उन्होंने आगे कहा कि राजनीति वाले राजनीतिक मायने निकालते हैं. हम धार्मिक लोग हैं. अपनी गौ-माता को बचाने के लिए निकल रहे हैं.

यात्रा की शुरुआत करने के बाद क्या बोले शंकराचार्य?

शंकराचार्य ने आगे कहा कि चिंतामणि गणेश जी का दर्शन करके अब संकट मोचन जा रहे हैं. उन्होंने कहा है कि गौ माता पर जो संकट आया है उसके निवारण के लिए प्रार्थना करेंगे. यात्रा को रोके जाने पर कहा कि जब रोकेंगे तो रुक जाएंगे, लेकिन क्यों रोकेंगे ये सवाल है?

‘यह यात्रा युद्ध की ओर जा रही है’

अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने कहा कि हम लोगों को धर्म युद्ध के लिए निकालना पड़ रहा है. अब यह यात्रा युद्ध  की तरफ जा रही है. सरकार की ओर से कोई संदेश नहीं आया है. उन्होंने कहा कि सारे विधायक सांसद इस यात्रा में शामिल होने के लिए आएं. 

उन्होंने आगे कहा कि हर हिंदू चाहता है गौ हत्या रुकनी चाहिए. जनता के लिए संदेश है गौ हत्या के खिलाफ एक हो जाओ. साथ ही जनता से आग्रह है कि आप लखनऊ आ जाओ. ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र में हर हिन्दू गौ हत्या रोकना चाहता है सब एक साथ आ रहे हैं. 

विद्यामठ के बाहर भारी फोर्स तैनात

शंकराचार्य की यात्रा शुरू होने से पहले विद्यामठ गली के बाहर फोर्स तैनात रही. उन्होंने थोड़ी देर तक गौ पूजन किया. शंकराचार्य ने शनिवार (7 मार्च) को 8 बजकर 30 मिनट पर यात्रा की शुरुआत कर दी है. यह यात्रा वाराणसी से लखनऊ तक पूरी होगी.

पहले चिंतामणि गणेश के बाद संकट मोचन दर्शन और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में यात्रा का स्वागत होगा. शनिवार को वाराणसी से जौनपुर, सुल्तानपुर, गौरीगंज और अमेठी होते रायबरेली पहुंचेगी. वहीं रायबरेली में रात्रि विश्राम का कार्यक्रम आयोजित है.

इस तरह रहेगा यात्रा का कार्यक्रम

  • 7 मार्च 2026 को जौनपुर, सुल्तानपुर में सभा करते हुए होते हुए रायबरेली में सभा के बाद रात्रि-विश्राम 
  • 8 मार्च 2026 को मोहनलालगंज- लालगंज- अचलगंज में सभा करते हुए उन्नाव पहुँचकर सभा फिर रात्रि-विश्राम 
  • 9 मार्च 2026 को बांगरमऊ और बघोली में सभा करते हुए नैमिषारण्य में सभा के बाद रात्रि-विश्राम 
  • 10 मार्च 2026 को सिंधौली और इजौटा में सभा करते हुए लखनऊ आगमन 
  • 11 मार्च 2026 को 2 बजे कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर पहुंच कर गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध का शंखनाद करेंगे 
     
    ये भी पढ़े: योगी सरकार की फ्री कोचिंग स्कीम का जलवा, अभ्युदय योजना के 6 अभ्यर्थियों का UPSC परीक्षा में चयन



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *