तेलंगाना के करीमनगर जिले में गुरुवार तड़के एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया. जानकारी के अनुसार 22737 नंबर की गाड़ी का इंजन अचानक तकनीकी खराबी का शिकार हो गया, जिससे ट्रेन को बीच रास्ते ही रोकना पड़ा. घटना करीमनगर जिला के जम्मीकुंटा मंडल के मदिपल्ली गांव के पास हुई. रेलवे सूत्रों के मुताबिक तेज रफ्तार से जा रही ट्रेन के इंजन का एक पहिया अचानक टूट गया. जैसे ही इंजन में गड़बड़ी का संकेत मिला, चालक ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए ट्रेन को रोक दिया. समय रहते ट्रेन रुक जाने से एक बड़ा हादसा टल गया, वरना सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात करीब दो बजे अचानक ट्रेन रुक गई. उस समय अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे. ट्रेन रुकते ही यात्रियों में हलचल मच गई और कई लोग घबराकर कोच से बाहर निकल आए. कुछ देर तक यात्रियों को समझ नहीं आया कि आखिर ट्रेन क्यों रुक गई है. बाद में रेलवे कर्मचारियों ने जांच के दौरान पाया कि इंजन का एक महत्वपूर्ण पहिया टूट गया है.
कई घंटों तक पटरी पर खड़ी रही ट्रेन
तकनीकी खराबी के कारण ट्रेन कई घंटों तक पटरी पर ही खड़ी रही. रेलवे के तकनीकी दल को तुरंत मौके पर बुलाया गया और क्षतिग्रस्त इंजन की जांच शुरू की गई. इंजीनियरों की टीम ने अस्थायी मरम्मत के बाद ट्रेन को दूसरे इंजन से जोड़ने का फैसला किया. मरम्मत का काम पूरा होने के बाद ट्रेन को दूसरे इंजन की मदद से धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया और अंततः उसे सुरक्षित रूप से उप्पल रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया गया. राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई.
हो सकती थी बड़ी घटना
रेलवे अधिकारियों के अनुसार अगर समय रहते खराबी का पता नहीं चलता तो यह घटना एक बड़े रेल हादसे का रूप ले सकती थी. फिलहाल रेलवे विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि आखिर इंजन का पहिया अचानक कैसे टूट गया. इस घटना के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और ट्रेनों के तकनीकी निरीक्षण को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं. यात्रियों का कहना है कि नियमित जांच और रखरखाव में थोड़ी भी लापरवाही बड़े हादसों को जन्म दे सकती है. फिलहाल रेलवे ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं.
