उत्तराखंड चुनाव 2027 में क्या होगा टिकट पाने का पैमाना? BJP प्रदेश अध्यक्ष ने दे दिया क्लियर मैसेज!


उत्तराखंड में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर पार्टी नेताओं और दायित्वधारियों को साफ संदेश दिया है कि अभी से टिकट की अनावश्यक दावेदारी कर विवाद की स्थिति पैदा न करें. उन्होंने कहा कि फिलहाल पार्टी के लिए कमल का फूल ही उम्मीदवार है और हर कार्यकर्ता का लक्ष्य उसे जिताने के लिए पूरी ताकत से काम करना होना चाहिए. भट्ट ने कहा कि संगठन का ध्यान चुनावी तैयारी और जनसंपर्क बढ़ाने पर होना चाहिए, न कि टिकट की होड़ पर.

जीतने की क्षमता ही होगी टिकट का आधार

महेंद्र भट्ट ने साफ किया कि इस बार टिकट वितरण का सबसे बड़ा पैमाना जीतने की क्षमता होगी. उन्होंने कहा कि पार्टी उन लोगों को ही मौका देगी जिनके जीतने की संभावना सबसे ज्यादा होगी.

भट्ट के मुताबिक जिन नेताओं और कार्यकर्ताओं को सरकार या संगठन में दायित्व दिया गया है, उनका मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और चुनाव में पार्टी को जीत दिलाना होना चाहिए. समय से पहले टिकट की मांग करना पार्टी के माहौल को प्रभावित करता है और इससे भ्रम की स्थिति बनती है.

सर्वे के आधार पर होगा प्रत्याशी चयन

भट्ट ने यह भी कहा कि यदि किसी दायित्वधारी या पदाधिकारी का चेहरा सर्वे में सबसे अधिक लोकप्रिय और जिताऊ पाया जाता है तो पार्टी उसे प्रत्याशी बनाने से पीछे नहीं हटेगी.

उन्होंने बताया कि उम्मीदवार तय करने के लिए पांच अलग-अलग सर्वे कराए जाएंगे. इन सर्वे के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा. इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिस उम्मीदवार को टिकट मिले, उसकी जीत की संभावना सबसे ज्यादा हो.

प्रदेश भाजपा ने उन 23 विधानसभा सीटों पर विशेष रणनीति बनानी शुरू कर दी है जहां पिछली बार पार्टी को जीत नहीं मिल पाई थी. भट्ट ने कहा कि इन सीटों पर संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. पार्टी की कोशिश है कि अगले चुनाव में इन सीटों पर बेहतर प्रदर्शन किया जाए और जीत का आंकड़ा बढ़ाया जाए.

कैबिनेट विस्तार के संकेत

उत्तराखंड में लंबे समय से खाली पड़े मंत्रिमंडल के पदों को लेकर भी भट्ट ने सकारात्मक संकेत दिए. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार एक साथ होने की चर्चा चल रही है.

संभावना है कि मार्च के महीने में उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है, जिससे पांच खाली पद भरे जा सकेंगे. इसके साथ ही दायित्वधारियों की नई सूची भी जल्द केंद्र से फाइनल होकर आ सकती है.

कांग्रेस पर साधा निशाना

विपक्ष पर हमला बोलते हुए महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस आज जन मुद्दों से कट चुकी है और केवल भावनात्मक मुद्दों पर राजनीति कर रही है. उन्होंने अंकिता भंडारी प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर कई चुनाव लड़ चुकी है, लेकिन हर बार जनता ने भाजपा पर भरोसा जताया है. उनके मुताबिक यह इस बात का संकेत है कि प्रदेश की जनता विकास और स्थिरता की राजनीति के साथ खड़ी है.

हाल ही में कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के आवास पर हुई मुलाकात को लेकर भी भट्ट ने सफाई दी. उन्होंने कहा कि यह केवल शिष्टाचार भेंट थी. इस दौरान नेताओं को अनुशासन बनाए रखने और भाषा की मर्यादा का ध्यान रखने की सलाह दी गई.

भट्ट ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में नेताओं को और अधिक सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि छोटी बात भी जल्दी फैल जाती है और पार्टी की छवि प्रभावित हो सकती है.

एक व्यक्तिगत सवाल के जवाब में महेंद्र भट्ट ने कहा कि अगर वे राजनीति में नहीं होते तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्णकालिक प्रचारक के रूप में काम कर रहे होते. उन्होंने कहा कि संगठन में काम करना उनके जीवन का अहम हिस्सा रहा है.

कुल मिलाकर भाजपा ने साफ कर दिया है कि चुनाव 2027 को लेकर पार्टी की प्राथमिकता टिकट की दौड़ नहीं बल्कि मजबूत रणनीति और जीत सुनिश्चित करना है. पार्टी नेतृत्व चाहता है कि सभी कार्यकर्ता मिलकर संगठन को मजबूत करें और चुनाव में बेहतर परिणाम हासिल करें.



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