अमेरिका और इजरायल के हमले में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने बदला लेने की कसम खाई है. इस बीच ईरान का जामकरान मस्जिद एक बार फिर सुर्खियों में है, जो धार्मिक और राजनीतिक तौर काफी अहम माना जाता है. ईरान ने इस मस्जिद के गुंबद पर लाल झंडा फहराया है. खामेनेई की मौत के बाद न्याय और प्रतिशोध के प्रतीक के रूप में यह झंडा फहराया गया. शिया परंपरा में इसे शहादत और अन्याय के खिलाफ संघर्ष के प्रतीक के रूप में देखा जाता है.
जामकरान मस्जिद लाल झंडे का मतलब
जामकरान मस्जिद के ऊपर लगा यह लाल झंडा मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच खामेनेई के समर्थकों के बीच बढ़ते गुस्से और बदला लेने की भावना को दर्शाता है. तेहरान में हुई एयरस्ट्राइक में खामेनेई की मौत हो गई. अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ सैन्य दबाव है या ईरान में सत्ता परिवर्तन की शुरुआत.
अमेरिकी ने UN में अपनी कार्रवाई के सही ठहराया
अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि यूएस के साथियों की सुरक्षा शर्तों पर निर्भर नहीं है. अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी मीटिंग के दौरान ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों का बचाव किया. यूएस एंबेसडर ने कहा, ‘ईरान का एडवांस्ड मिसाइल क्षमता की लगातार कोशिश करना और डिप्लोमैटिक मौकों के बावजूद न्यूक्लियर महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने से इनकार करना, एक गंभीर और बढ़ता हुआ खतरा है.’
ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (1 मार्च 2026) को ईरान को किसी भी सैन्य कार्रवाई के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि वह उस देश पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखी गई. ट्रंप ने कहा, ‘ईरान ने अभी कहा है कि वे आज बहुत जोरदार हमला करेंगे, जितना पहले कभी नहीं हुआ, लेकिन बेहतर होगा कि वे ऐसा न करें, क्योंकि अगर वे ऐसा करते हैं, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखी गई.’
ईरान के इस्लामिक रिपब्लिक गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने सरकारी टेलीविजन पर सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद, उनके हत्यारों को सजा देने की कसम खाई है और वादा किया कि जवाब अमेरिका और इजरायल के खिलाफ इतिहास का सबसे भयानक हमला होगा.
