खामेनेई की हत्या के बाद पाकिस्तान में भड़के लोग, समझाने गए गृहमंत्री मोहसिन नकवी को धक्के मारकर भगाया


अमेरिका और इजरायल के ईरान पर अटैक और अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद ईरान में विरोध प्रदर्शन की आग पाकिस्तान तक जा पहुंची है. पाकिस्तान में शिया समुदाय के प्रदर्शन  राजधानी इस्लामाबाद में भी जारी हैं. 1 मार्च दोपहर 1 बजे से शिया समुदाय के हजारों प्रदर्शनकारी इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर प्रदर्शन करने की मांग को लेकर रेड जोन में अमेरिकी दूतावास से महज 1 किलोमीटर दूर तक पहुंच गए. जिसके बाद इस्लामाबाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भीषण संग्राम हुआ. 

पुलिस पर प्रदर्शनकारियों का पथराव

हालत इतने बिगड़ गए कि जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे नहीं बढ़ने दिया तो इस्लामाबाद पुलिस की गाड़ियों और पुलिसकर्मियों पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया. पथराव होता देख इस्लामाबाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया, लेकिन इसका भी कोई खास असर प्रदर्शनकारियों पर नहीं हुआ और दोपहर 4 बजे फिर शिया प्रदर्शनकारी अमेरिकी दूतावास तक जाने की जिद करते हुए रेड जोन में दाखिल हो गए. 

मोहसिन नकवी को प्रदर्शनकारियों ने भगाया

हालात बिगड़ता देख इस्लामाबाद पुलिस ने धारा 144 लगा दी और खुद पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी प्रदर्शनकारियों को समझाने के लिए मौके पर पहुंचें, लेकिन मोहसिन नकवी को धक्के मार कर प्रदर्शनकारियों ने भगा दिया. इसके बाद फिर शाम 5 बजे प्रदर्शनकारी आगे बढ़े तो इस्लामाबाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की जिसमें 11 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की जानकारी मिल रही है. 

प्रदर्शनकारियों ने जलाईं पुलिस की गाड़ियां

इस घटना के बाद प्रदर्शनकारी इतने उग्र हो गए कि उन्होंने इस्लामाबाद पुलिस की पोस्ट, गाड़ियां समेत जो मिला उसे जलना शुरू कर दिया. अभी भी तकरीबन 2 हजार से ज्यादा शिया प्रदर्शनकारी इस्लामाबाद में डेरा जमाए बैठे हैं और अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन करने की जिद कर रहे हैं.

खामनेई की मौत के बाद बवाल

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की इजरायल और अमेरिकी अटैक में मौत के बाद ईरान समेत कई देशों में गम और गुस्से का माहौल है. पाकिस्तान में भी अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई की कड़ी निंदा की जा रही है और विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं. विरोध के स्वर राजधानी इस्लामाबाद में भी देखने को मिल रहे हैं. जहां प्रदर्शनकारी बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतर आए. 



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