तेहरान पर हमले के बाद इजरायल और ईरान में जंग शुरू हो गई है. अल-जजीरा की मानें तो दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की तरफ बढ़ रही है. सबसे पहले इजरायल ने शनिवार को अमेरिका के साथ मिलकर संयुक्त हमला करते हुए तेहरान के कई इलाकों में मिसाइलें दागी, इसके जवाब में ईरान ने एक साथ कई देशों पर हमला किया है, साथ ही अमेरिका के ठिकानों को नुकसान पहुंचाने का दावा भी ईरान की तरफ से किया गया है. ईरान और इजरायल में जंग के हालात क्यों बने हैं. कब से दोनों देशों के बीच तनाव शुरू हुआ. आइए समझते हैं पूरी टाइमलाइन…
अमेरिका/ इजराइल-ईरान तनाव की मुख्य टाइमलाइन
जुलाई 2015
- ज्वाइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (JCPOA) पर हस्ताक्षर हुए, जिसके तहत ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर कड़ी सीमाएं स्वीकार कीं और बदले में अमेरिका-यूरोपीय संघ से प्रतिबंध राहत मिली, जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का समर्थन प्राप्त था.
मई 2018
- US राष्ट्रपति ट्रम्प पहले कार्यकाल में अमेरिका को JCPOA से एकतरफा बाहर निकालते हुए “अधिकतम दबाव” अभियान शुरू किया और कड़े प्रतिबंध दोबारा लागू किए, जिससे ईरानी अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा
जनवरी 2020
- अमेरिका ने बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर ड्रोन हमले में कासिम सुलेमानी, कमांडर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (Islamic Revolutionary Guard Corps) की क़ुद्स फ़ोर्स, की हत्या कर दी.
जनवरी 2020
- ईरान ने इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल दागकर जवाबी कार्रवाई की.
जनवरी 2021–जनवरी 2025
- जो बाइडेन प्रशासन ने परमाणु समझौता पुनर्जीवित करने की कोशिश की, लेकिन वार्ताएँ लंबी खिंचकर गतिरोध में बदल गईं, जबकि ईरान ने अपने “शांतिपूर्ण” परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाया.
फरवरी 2025
- व्हाइट हाउस लौटने के बाद ट्रंप ने फिर से “अधिकतम दबाव” नीति लागू की, नए कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए और अपनी हत्या की किसी भी कोशिश पर ईरान के “पूर्ण विनाश” की चेतावनी दी.
13–24 जून 2025
- इजरायल और ईरान के बीच सीधा सैन्य टकराव हुआ, जिसे Iran–Israel War या “ट्वेल्व-डे वॉर” कहा गया, जिसमें अमेरिका ने इजरायल को महत्वपूर्ण रक्षात्मक समर्थन दिया.
- अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर फोर्दो, नतांज़ और इस्फहान स्थित ईरानी परमाणु सुविधाओं पर हमला किया, जो 1979 के बाद ईरान के भीतर अमेरिकी सीधा हमला पहली बार था.
- ईरान ने कतर स्थित अल उदीद एयर बेस पर मिसाइल हमले किए , और कतर की मध्यस्थता से इजरायल-ईरान युद्धविराम हुआ, जिससे 12-दिवसीय युद्ध समाप्त हुआ.
दिसंबर 2025
- तेहरान में महंगाई के खिलाफ विरोध शुरू, पूरे देश में फैला, ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अमेरिका स्थिति देख रहा है.
फरवरी 2026
- राष्ट्रपति ट्रंप ईरान पर शुरुआती लिमिटेड मिलिट्री स्ट्राइक करने पर विचार कर रहे हैं ताकि वह न्यूक्लियर डील के लिए अपनी मांगें पूरी करने के लिए मजबूर हो सके
