पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच की तनातनी अब जंग का रूप ले चुकी है. दोनों देशों के बीच 26 फरवरी रात 9 बजे से शुरू हुई जंग लगातार चल रही है. एक तरफ पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर 8 जगहों पर दोनों देशों की सेनाएं आमने सामने हैं, तो जंग ने दिन में हवाई रास्ता अपना लिया है. पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के पक्तिका, खोश्त, नांगरहार स्थित सैन्य ठिकानों पर हमले किए. जवाब में अफगानिस्तान ने पहली बार पाकिस्तान के चार शहर स्वाबी, , एबटाबाद और नौशेरा में स्थित पाकिस्तानी सैन्य अड्डों पर ड्रोन से हमले करने का दावा किया.
इस्लामाबाद में ड्रोन हमले के सबूत नहीं सामने आए, लेकिन स्वाबी में एक स्कूल में पाकिस्तानी सेना टिकी हुई थी. उसके बाहर अफगानिस्तान का आत्मघाती ड्रोन फट गया, साथ ही अबोट्टाबाद में पाकिस्तानी सेना की पाकिस्तान मिलिट्री अकैडमी (PMA) में अफगानिस्तान का ड्रोन जाकर गिरा. इसी तरह नौशेरा में भी स्थानीय लोगों ने धमाके की शिकायत की.
पाकिस्तान ने जारी किया एयर स्ट्राईक का वीडियो
27 फरवरी शाम 6 बजे तक पाकिस्तान अफगानिस्तान के 31 से ज्यादा सैन्य अड्डों पर हवाई स्ट्राइक की वीडियो जारी कर चुका है. साथ ही कल (26 फरवरी) से आज (27 फरवरी) तक अफगानिस्तान की सेना भी 50 से ज़्यादा पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को मोर्टार, आर्टिलरी की मदद से ध्वस्त कर चुकी है.
पाकिस्तान का अफगान सेना के 274 सैनिकों को मारने का दावा
सबूतों के इतर पाकिस्तानी सेना के मुताबिक 26 फरवरी रात 9 बजे से आज आज दोपहर 4 बजे तक, झड़पों में अफगान सेना के 274 सैनिक मारे गए और 400 से ज़्यादा घायल हो गए. साथ ही पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि 74 से ज़्यादा अफगानिस्तान की सेना की पोस्ट्स तबाह की जा चुकी हैं. और 18 पर पाकिस्तान का कब्जा है. पाकिस्तानी सेना के दावों की माने तो उसने अफगानिस्तान के 150 से ज़्यादा टैंक आर्टिलरी और मोर्टार गन तक उड़ा दिए हैं.
पाक ने अपने 12 सैनिकों के मरने की बात कबूली
वहीं, पाकिस्तान ने माना की इस युद्ध में उसके 12 सैनिकों की जान जा चुकी है और 27 घायल हुए हैं. अफगानिस्तान की सरकार ने आधी रात को जानकारी दी कि उसने पाकिस्तान के 55 से ज़्यादा सैनिकों को रात 9 बजे से 1 बजे तक स्ट्राइक में मार गिराया है. हालांकि, ताजा आंकड़ा अभी अफगानिस्तान ने नहीं दिया है. साथ ही अफगानिस्तान के आंकड़े के मुताबिक उसके 8 सैनिकों की इस लड़ाई में मौत हुई है.
कई देशों ने की मध्यस्थता की पेशकश
दोनों देशों के बीच स्थिति सामान्य करने के लिए सबसे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अर्घाची ने मध्यस्ता की पेशकश की, इसके बाद सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फरहान, मिस्र के विदेश मंत्री डॉ डॉ. बद्र अब्देलती ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री डॉ इशाक डार से बातचीत करते हुए शांति की अपील की और हालात को समझा. इसी तरह तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार और अफगानी विदेश मंत्री अमीर ख़ान मुत्ताकी से बातचीत करके शांति की अपील की और मध्यस्था की पेशकश की. हालांकि फिलहाल पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों ही देश किसी देश की मध्यस्था या फिर युद्ध विराम के लिए तैयार नहीं हुए हैं.