बिहार विधानसभा चुनाव से पहले 6 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना मेट्रो का शुभारंभ किया था. साढ़े चार महीने बाद ABP न्यूज की ग्राउंड रिपोर्ट में जो तस्वीर सामने आई है वह चौंकाने वाली है. ऑफिस टाइम में भी तीन बोगी में से दो पूरी तरह खाली थीं और मात्र चार यात्री ट्रेन में सवार थे.
ABP न्यूज के रिपोर्टर मंगलवार सुबह 10 बजे भूतनाथ स्टेशन से टिकट लेकर पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के लिए रवाना हुए. तीन बोगी में से दो पूरी तरह खाली थीं और एक बोगी में रिपोर्टर समेत सिर्फ चार लोग सफर कर रहे थे. वापसी में भी तीन बोगी में से दो खाली रहीं और एक बोगी में रिपोर्टर समेत कुल 9 यात्री ही थे. इस तरह ऑफिस टाइम के दो फेरों में कुल 13 यात्रियों ने सफर किया.
रोज 156 यात्री, आमदनी 4-5 हजार, खर्च 18 लाख
मेट्रो ट्रेन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चलती है और भूतनाथ से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल तक किराया 15 रुपये है. प्रतिदिन 24 फेरे लगते हैं जिनमें 12 अप और 12 डाउन शामिल हैं. ABP की गणना के अनुसार एक दिन में औसतन 156 यात्री सफर करते हैं और टिकट बिक्री से करीब 4 से 5 हजार रुपये की आमदनी होती है. दूसरी तरफ रखरखाव, मेंटेनेंस और कर्मचारियों की तनख्वाह सब जोड़कर प्रतिदिन 18 लाख रुपये से अधिक खर्च हो रहे हैं. किसी अधिकारी ने इस पर बोलने से इनकार कर दिया.
शुरुआत में थे 8-9 हजार यात्री, अब सिर्फ 4-12 प्रति फेरे
जब मेट्रो शुरू हुई थी तो प्रतिदिन 8 से 9 हजार यात्री सफर करते थे लेकिन धीरे-धीरे संख्या घटती गई और अब एक फेरे में मात्र 4 से 12 यात्री ही रह गए हैं. यात्रियों का कहना है कि मेट्रो केवल तीन स्टेशनों तक सीमित है इसलिए भीड़ नहीं है. जब पटना जंक्शन और अन्य प्रमुख स्थानों तक मेट्रो पहुंचेगी तभी यात्रियों की संख्या बढ़ेगी.
मार्च में मलाही पकड़ी तक विस्तार, DMRC को 179 करोड़
मार्च 2028 तक दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को परिचालन का जिम्मा दिया गया है जो 32 महीने के परिचालन और रखरखाव पर 179.37 करोड़ रुपये लेगी. अगले महीने मार्च से भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक 2.75 किलोमीटर में मेट्रो चलने की उम्मीद है. कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम के निरीक्षण के बाद उद्घाटन की तारीख तय होगी. पूरे शहर में 31.9 किलोमीटर मेट्रो लाइन पर 13,365 करोड़ रुपये खर्च होने हैं.