Delhi Metro On Alert: यह तो सी जानते हैं कि दिल्ली मेट्रो को राजधानी की ‘लाइफलाइन’ भी कहा जाता है. लेकिन, इन दिनों दिल्ली मेट्रो पर एक गहरा संकट मंडरा रहा है. दरअसल, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) और दिल्ली पुलिस के लिए ‘केबल चोर’ ने चारों तरफ अफरा-तफरी मचा रखी है. दिल्ली मेट्रो में बिजली आपूर्ति के लिए इस्तेमाल होने वाली कीमती तांबे की केबल की चोरी की खबरों ने दिल्ली मेट्रो के लिए एक नई परेशानी खड़ी कर दी है. जिसको लेकर यह पूरा मामला न सिर्फ सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रहा है बल्कि यात्रियों की यात्रा असुविधा भी डाल रहा है.
केबल चोरी ने कैसे बढ़ाया मेट्रो का संकट?
DMRC द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, हाल के महीनों में मेट्रो ट्रैक के किनारे बिछी हाई-टेंशन और केबल चोरी होने की घटनाओं ने मेट्रो प्रशासन की रातों की नींद को पूरी तरह से उड़ा कर रख दिया है. दरअसल, केबल के काटने पर सिग्नलिंग सिस्टम पूरी तरह से फेल हो जाता है, जिससे ट्रेनों को चलाने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इतना ही नहीं, ऐसा करने पर पीक आवर्स में जाने वाले यात्रियों का न सिर्फ समय बर्बाद होता है बल्कि उन्हें ट्रेन के सही होने का इंतजार भी करना पड़ता है. तो वहीं, चोरों की इस हरकत के बाद से DMRC के लिए आर्थिक नुकसान के अलावा मेट्रो को परिचालन करने में एक बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
13 संवेदनशील रूट पर पुलिस की कड़ी नज़र
केबल काटने वाले चोरों की इस हरकत के बाद मेट्रो प्रशासन के साथ-साथ दिल्ली पुलिस भी पूरी तरह से हाई-अलर्ट पर नज़र आ रही है. जहां, दिल्ली पुलिस की मेट्रो यूटिन ने सख्त जांच पड़ताल के बाद 13 संवेदनशील हॉटस्पॉट की पहचान की है. जानकारी के अनुसार, ये वो इलाके हैं जहां, ट्रैक के पास झुग्गियां हैं, सुनसान इलाके हैं या फिर जहां बाउंड्री वॉल की ऊंचाई सबसे ज्यादा कम है.
बात करें 13 संवेदनशील रूट के बारे में तो, सबसे पहले है ब्लू लाइन, जिसमें यमुना बैंक, मयूर विहार और आनंद विहार के कुछ हिस्सों को शामिल किया गया है. दूसरा रेड लाइन की रूट है, जिसमें शास्त्री पार्क, सीलमपुर और रिठाला के बीच के खुले ट्रैक बताए जा रहे हैं. और आखिरी में पिंक और मजेंटा लाइन, जहां लाइनों के कई एलिवेटेड और ग्राउंड सेक्शन चोरों के निशाने पर है.
मेट्रो प्रशासन ने सुरक्षा के लिए क्या उठाए कदम?
तो वहीं, इस बेहद ही गंभीर और दिमाग को हिला देने वाली परेशानी से निपटने के लिए DMRC के साथ-साथ दिल्ली पुलिस ने एक बेहद ही अनोखी और महत्वपूर्ण रणनीति को पूरी तरह से तैयार किया है. जिसमें संवेदनशील रूट्स पर रात के समय दिल्ली पुलिस द्वारा सबसे पहले गश्त बढ़ाने का काम किया गया है. चोरी रोकने के लिए और चोरों को पकड़ने के लिए आधुनिक तकनीक और ड्रोन कैमरों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है.
इतना ही नहीं, जिन जगहों से चोरों की घुसने की संभावना सबसे ज्यादा है उन जगहों पर बाउंड्री वॉल को ऊंचा किया जा रहा है और कटीली तारें भी लगाई जा रही हैं. इसके अलावा दिल्ली पुलिस उन कबाड़ियों को भी निशाना बना रही है, जो चोरी केबल खरीद रहे हैं. मेट्रो की सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है. अगर किसी नागरिक को ट्रैक के आसपास संदिग्ध गतिविधि पर पकड़ा गया तो, उन्हें तुरंत सुरक्षाकर्मियों को सूचित करना चाहिए.
