Mothers Day 2026 Special: मां का प्यार दुनिया का सबसे सच्चा रिश्ता माना जाता है. शायद यही वजह है कि मां को सम्मान देने के लिए पूरी दुनिया में मदर्स डे मनाया जाता है. हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि इसकी शुरुआत आखिर कैसे हुई थी. बता दें, मदर्स डे की शुरुआत 114 साल पहले हुई थी. अमेरिका के वेस्ट वर्जीनिया की रहने वाली एना जार्विस (Anna Jarvis) ने अपनी मां ऐन रीव्स जार्विस की याद में की थी.
एना अपनी मां से बहुत प्यार करती थीं. एना की मां समाज सेवा का काम करती थीं और लोगों की मदद भी करती थीं. मां के निधन के बाद एना ने तय किया कि एक ऐसा दिन होना चाहिए, जब हर कोई अपनी मां को सम्मान दे सके और उनके प्यार को याद करे.
पहली बार साल 1908 में मनाया गया था मदर्स डे
एना जार्विस ने पहली बार 10 मई 1908 को मदर्स डे मनाया था. माना जाता है कि मदर्स डे की शुरुआत के पीछे एना की मां की एक ख्वाहिश थी. एना की मां चाहती थीं कि मां के लिए समर्पित कम से कम एक दिन जरूर हो और उसे हॉलीडे घोषित किया जाए. 1905 में उनके निधन के बाद, एना जार्सिस ने चर्च में खास कार्यक्रम रखा और अपनी मां की पसंद के सफेद कार्नेशन फूल बांटे. धीरे-धीरे यह दिन लोगों को पसंद आने लगा और अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों में भी मदर्स डे मनाया जाने लगा. एना ने इसके लिए खूब मेहनत की. उन्होंने नेताओं और अखबारों को चिट्ठियां लिखीं ताकि इस दिन को आधिकारिक पहचान मिल सके. आखिरकार साल 1914 में अमेरिका के राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे के रूप में मनाने का ऐलान कर दिया. इसके बाद यह दिन पूरी दुनिया में मनाया जाने लगा.
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जब खुद एना जार्विस ने शुरू कर दिया मदर्स डे का विरोध
दिलचस्प बात यह है कि जिस एना जार्विस ने मदर्स डे की शुरुआत की थी, वही बाद में इसके खिलाफ हो गईं. दरअसल, एना चाहती थीं कि यह दिन सिर्फ मां के प्यार और सम्मान के लिए हो, लेकिन धीरे-धीरे कंपनियों ने इसे बिजनेस बना दिया. कार्ड, फूल और गिफ्ट बेचने वाली कंपनियां इस दिन से खूब पैसा कमाने लगीं. यह देखकर एना बहुत दुखी हो गईं. उन्होंने कई जगह विरोध भी किया और लोगों से कहा कि मदर्स डे को सिर्फ दिखावे और महंगे गिफ्ट तक सीमित मत करो. कहा जाता है कि उन्होंने इस दिन को खत्म करने तक की मुहिम चला दी थी.
आज भी मां के प्यार का सबसे खास दिन माना जाता है मदर्स डे
समय के साथ मदर्स डे पूरी दुनिया में एक खास दिन बन गया. भारत समेत कई देशों में लोग मई के दूसरे रविवार को अपनी मां के लिए यह दिन सेलिब्रेट करते हैं. कोई मां को गिफ्ट देता है, कोई उनके साथ समय बिताता है तो कोई बस एक प्यारा सा धन्यवाद बोलकर उन्हें खुश कर देता है. असल में मदर्स डे सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि मां के त्याग, मेहनत और प्यार को महसूस करने का मौका है. मां हर हाल में अपने बच्चों का साथ देती है और शायद इसी वजह से मां के लिए मनाया जाने वाला यह दिन आज भी लोगों के दिल के बहुत करीब है.
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