ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच तेहरान स्थित सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के तेहरान हेडक्वार्टर के पास झड़प की खबरें सामने आई है. ईरान के मुजाहिद्दीन-ए-खल्क (MEK) संगठन ने सोमवार (23 फरवरी 2026) को दावा किया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने उसके 100 लड़ाकों को मारा है. MEK संगठन मौजूदा समय में ईरान की खामेनेई सरकार के खिलाफ एक्टिव है.
खामेनेई के घर हमले की कोशिश
ईरान की सरकारी मीडिया तस्नीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक मुजाहिद्दीन-ए-खल्क के लड़ाके खामेनेई के हेडक्वार्टर के पास ऑपरेशन को अंजाम देने पहुंचे थे तभी उनकी IRGC के साथ झड़प हो गई. MEK ने कहा कि उसके 150 से अधिक लड़ाके देर रात सुरक्षित अपने ठिकानों पर लौट आए. संगठन ने कहा कि वह मारे गए और घायल लड़ाकों के नाम अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों को सौंपेगा. एमईके के अनुसार, वहां 17 कैमरे चालू थे, जिनमें से कुछ को निष्क्रिय कर दिया गया था.
मुजाहिद्दीन-ए-खल्क का दावा किया, ‘भारी संख्या में खामेनेई के समर्थक भी हताहत हुए हैं. IRGC के साथ झड़प के बाद परिसर में भारी संख्या में एंबुलेंस को आते देखा गया. अल-अखबार ने इन झड़पों की पुष्टि करते हुए इसे विदेशी खुफिया एजेंसियों के समर्थन से ईरान में MEK की ओर से किए गए सबसे खतरनाक अभियानों में से एक बताया.
मुजाहिद्दीन-ए-खल्क का बयान
MEK ने कहा, ‘सोमवार सुबह से दोहर तक ईरान की सरकारी सेना के साथ झड़प हुई, जिसमें हमारे 100 से ज्यादा मुजाहिद शहीद हो गए या उनमें से कुछ को हिरासत में ले लिया गया. ये झड़पें सुबह की नमाज के समय खामेनेई के ऑफिस में शुरू हुईं.’ अल-अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया की MEK मोताहारी कॉम्प्लेक्स में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा था. हालांकि वह पहले ही नाकाम कर दिया गया.
तस्नीम न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक MEK ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप दूसरे देशों का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं. खामेनेई की सरकार मुजाहिद्दीन-ए-खल्क को आतंकी संगठन मानती है.