नासिक के टीसीएस (TCS) कंपनी में युवतियों के यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन मामले में जांच एजेंसियों ने नए खुलासे किए हैं. स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अजय मिसर ने सोमवार (27 अप्रैल 2026) को नासिक अदालत में बंद कमरे में हुई सुनवाई के दौरान बताया कि कई सुराग जांचकर्ताओं के हाथ लगे हैं. जांच एजेंसी ने इस मामले की मुख्य आरोपियों में से एक निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया है, जो अभी भी लापता है.
मुख्य आरोपी निदा खान पर लगे हैं ये आरोप
निदा खान और अन्य सहयोगियों पर हिंदू महिला कर्मचारियों को जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने, बुर्का पहनने के लिए मजबूर करने, इस्लामिक प्रथाओं का पालन करने और यौन उत्पीड़न करने का आरोप है. देवलाली पुलिस स्टेशन में एक महिला ने निदा खान पर उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है. उन्होंने अपने एक सहकर्मी दानिश शेख पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण का भी आरोप लगाया है. उन्होंने एक अन्य आरोपी तौसीफ अत्तार पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है.
मलेशिया में नौकरी दिलाने का किया वादा
अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि निदा खान ने कथित तौर पर उसका नाम बदलकर ‘हानिया’ रख दिया और उसे मलेशिया में नौकरी दिलाने का वादा किया. साथ ही वह शिकायतकर्ता को धर्म परिवर्तन के लिए मनाती रही. उसने यह भी आरोप लगाया कि निदा खान ने शिकायतकर्ता को चेतावनी दी कि यदि वह धर्म परिवर्तन नहीं करती है तो उसके परिवार पर विपत्ति आएगी.
हिजाब पहनने की ट्रेनिंग देती थी निदा खान
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले की जांच कर रहे अधिकारी ने बताया कि निदा खान ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता को उसके घर पर नमाज पढ़ने और हिजाब पहनने की ट्रेनिंग भी दी थी. निदा खान ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता के मोबाइल फोन में इस्लामी एप्लिकेशन भी इंस्टॉल किए और उसके साथ धार्मिक चीजें शेयर की. शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि वह अनुसूचित जाति से है, जिसके बाद पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया.
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