US और ईरान के संघर्ष के बीच भारत के लिए गुड न्यूज! मोदी सरकार न्यूजीलैंड के साथ साइन करेगी FTA


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  • डेयरी, खाद्य तेल जैसी चीजें मुक्त व्यापार समझौते से बाहर रहेंगी।

एक तरफ दुनिया भर के देश मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष और तनाव की वजह से टेंशन में हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दोनों देशों की तनातनी ने वैश्विक व्यापार की स्थिति को और ज्यादा गंभीर बना दिया है. वहीं, इस बीच दुनिया के चौथे सबसे बड़े अर्थव्यवस्था वाले देश भारत के लिए एक गुड न्यूज सामने आई है और वो गुड न्यूज ये है कि भारत लंबे समय तक चली बातचीत और चर्चा के बाद आखिरकार न्यूजीलैंड के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर साइन करने वाला है. दोनों देशों के बीच यह बड़ा समझौता कल यानी सोमवार (27 अप्रैल, 2026) को फाइनल होगा.  

भारत मंडपम में होगा FTA पर साइन

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और न्यूजीलैंड की सरकारें इस बेहद महत्वपूर्ण समझौते पर सोमवार (27 अप्रैल, 2026) को साइन करेंगी. इस डील का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच हो रहे व्यापार को दोगुने स्तर पर पहुंचाना है. दोनों देशों के बीच एफटीए को लेकर लंबे वक्त से गंभीर चर्चा हुई है और ये बातचीत पिछले साल 22 दिसंबर, 2025 को पूरी हुई थी. दोनों देशों के बीच गहन चर्चा के खत्म होने के करीब चार महीने के बाद अब फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर साइन होने वाले हैं. 

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रिपोर्ट के मुताबिक, इस महत्वपूर्ण समझौते पर देश की राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में साइन किए जाएंगे. इस दौरान केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले कार्यक्रम में उपस्थित होंगे. इस समझौते पर साइन होने के बाद भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड में ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगी और अगले 15 सालों में इसके जरिए 20 अरब डॉलर का निवेश भारत में आएगा.

FTA से भारत को मिलेंगे ये फायदे

न्यूजीलैंड के साथ एफटीए पर साइन होने के बाद भारत में अगले 15 सालों में 20 अरब डॉलर का निवेश आएगा. भारतीय पेशेवरों के लिए अस्थायी रोजगार वीजा की सुविधा में बढ़ोत्तरी होगी, जबकि भारत की दवाओं और मेडिकल उपकरणों के निर्यात में भी आसानी होगी.

हालांकि, ध्यान देने वाली यह है कि भारत घरेलू किसानों और कृषि पर आधारित उद्योगों के हित में डेयरी और खाद्य तेल, सब्जी जैसी चीजों को इस मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की सीमा से बाहर रख रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और न्यूजीलैंड ने इस मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के जरिए अगले पांच सालों में अपने व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य निर्धारित किया है. 

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