बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए चुनाव होना है. प्रत्येक उम्मीदवार को जीतने के लिए 41 वोटों की आवश्यकता है. 243 सदस्यीय विधानसभा में 202 विधायकों की संख्या को देखते हुए, एनडीए के लिए जहां चार सीटों पर जीत आसान होगी तो वहीं पांचवीं सीट के लिए उसे केवल तीन अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी.
नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के लिए पांच में से राज्यसभा की दो सीटें फिक्स हैं. बीजेपी के लिए भी सीटें तय हैं. पांचवीं सीट पर बीजेपी अपने किसी सहयोगी दल से लिए दावा ठोक सकती है. ऐसे में बीजेपी जैसी पार्टी को एआईएमआईएम पर निर्भर रहना होगा. ऐसे में सवाल है कि क्या ओवैसी की पार्टी इसके लिए तैयार होगी?
पांचवीं सीट पर ही फंस रहा पेच
दूसरी ओर आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं. राज्यसभा में कम से कम एक प्रतिनिधि भेजने के लिए उसे छह विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी. यहीं पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के पांच विधायक और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के इकलौते विधायक एनडीए और आरजेडी के नेतृत्व वाले गठबंधन दोनों के लिए पांचवीं सीट की चाबी साबित हो सकते हैं.
बिहार विधानसभा में महागठबंधन की कुल सीटों में से आरजेडी के पास 25 सदस्य, कांग्रेस के पास छह, सीपीआई (एमएल) (एल) के पास दो और सीपीएम और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (आईआईपी) के पास एक-एक सदस्य हैं.
क्या है एआईएमआईएम की मांग?
राज्यसभा के चुनाव पर बिहार एआईएमआईएम अध्यक्ष अख्तरुल ईमान का कहना है, “महागठबंधन के लोग अगर समझदारी से काम लें तो वे (एक राज्यसभा सीट) जीत सकते हैं. हमने कह दिया है कि इस बार एआईएमआईएम को मौका दें क्योंकि उच्च सदन में हमारा कोई प्रतिनिधित्व अभी तक नहीं है. आपकी जो विचारधारा है, वो विचारधारा हमारी भी है… मैं समर्थन मांग रहा हूं.”
आरजेडी विधायक ने कहा- हिना शहाब को मिले मौका
एआईएमआईएम को लुभाने के लिए आरजेडी के विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा है कि उनकी अपनी इच्छा है कि शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब को राजद से मौका दिया जाए. भाई वीरेंद्र की इस सोच के पीछे तर्क यह है कि मुस्लिम उम्मीदवार देने से एआईएमआईएम को आपत्ति नहीं होगी और विधायक साथ देंगे.
उधर शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब से जब पत्रकारों ने बातचीत की और उनसे यह सवाल पूछा कि क्या आप चाहती हैं कि राज्यसभा आपको भेजा जाए? इस पर उन्होंने कहा है कि यह कोई मसला नहीं है. हालांकि उन्होंने इतना जरूर कहा कि हम लोग पार्टी के साथ हैं और पार्टी को और मजबूत करने के लिए आगे भी हम लोग काम करते रहेंगे.
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