दिल्ली के प्रधानमंत्री संग्रहालय में जल्द ही गांधी और वाजपेयी के एआई अवतार जीवंत हो उठेंगे. दिल्ली के प्रधानमंत्री संग्रहालय में आने वाले विजिटर जल्द ही महात्मा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी के एआई रूप से निर्मित अति-यथार्थवादी 3डी अवतारों के साथ संवाद कर सकेंगे, जो इतिहास के एक गहन अनुभव को अत्याधुनिक तकनीक के साथ जोड़ते हैं.
दोनों नेताओं को एआई अवतार में लाने का प्रोजेक्ट अंतिम चरण में है. बता दें कि पिछले साल सिंतबर में सरदार बल्लभभाई पटेल के स्थल से ऐसी ही शुरुआत हुई थी. पहली एआई प्रदर्शनी की शुरुआत के बाद लोगों द्वारा शानदार प्रतिक्रियाएं मिलने के बाद अब यह कदम उठाया गया है.
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पीएम संग्रहालय के निदेशक ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री संग्रहालय के निदेशक अश्वनी लोहानी ने पीटीआई को बताया कि हम विजिटर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए संग्रहालय में एआई के व्यापक उपयोग पर काम कर रहे हैं. हमने सरदार पटेल के आदमकद एआई-संचालित होलोबॉक्स से शुरुआत की, और फिर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के होलोबॉक्स लगाए. जल्द ही, हम गांधीजी और अटलजी के भी इसी तरह के अवतार लाएंगे.
इस प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थित पर उन्होंने कहा कि यह आखिरी चरण में है. इस साल मई के आखिर में नेताओं के अवतार का शुभारंभ होने की उम्मीद है. बता दें कि प्रधानमंत्री संग्रहालय को 14 अप्रैल को चार साल पूरे हो गए हैं. इस संग्रहालय में हर रोज 1400-1500 लोग घूमने आते हैं.
चार साल पूरे होने पर क्या बोले निदेशक?
संग्रहालय के चार साल पूरे होने पर निदेशक लोहानी ने कहा कि यह सफर शानदार रहा है. पीएमएमएल दुनिया के अद्वितीय संग्रहालयों में से एक है. अब यहां खूब पर्यटक आते हैं. हम प्रौधिगिकी का उपयोग बढ़ा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय लोकतंत्र की अवधारणा को सुरक्षित करता है, जो इसका मूल विषय है.
आंकड़ों पर उन्होंने बताया कि साल 2025-26 में 64 लाख से ज्यादा लोगों ने संग्रहालय का दौरा किया. इससे इसकी बढ़ती लोकप्रियता दिखती है. पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए हम संग्रहालय में पहुंच में सुधार करने के लिए एआई का प्रयोग करने पर भी सोच रहे हैं.
उन्होंने बताया कि दिल्ली में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले स्टार्टअप के साथ हम लोग काम कर रहे हैं. यह प्रोजेक्ट एआई आधारित तकनीक से लैस और उससे जुड़े स्मार्ट ग्लास के उपयोग की संभावनाओं का पता लगाती है.
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