‘जो भी देश अमेरिका के साथ खेल करेगा…’, सुप्रीम कोर्ट से झटके के बाद गुस्से में आए ट्रंप, टैरिफ को लेकर फिर भड़के


अमेरिका के सुप्रीम ने जब से डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति पर सवाल उठाते हुए इसे रद्द किया है तब से कई बार उनका गुस्सा खुलकर सामने आया है. उन्होंने सोमवार (23 फरवरी 2026) को उन देशों के चेतावनी दी है जो टैरिफ रद्द होने के बाद अमेरिका के साथ ट्रेड डील से पीछे हटने की सोच रहे हैं. उन्होंने सोशल ट्रूथ पर पोस्ट कर कहा, ‘अगर कोई देश टैरिफ के रद्द होने के बाद ट्रेड डील से पीछे हटता है तो हम अलग-अलग व्यापार कानूनों के तहत उन पर और अधिक शुल्क लगाएंगे.’

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते नेशनल इमरजेंसी कानून के तहत अलग-अलग देशों पर लगाए गए ट्रंप के टैरिफ को गैर-कानूनी करार दिया. कोर्ट के इस फैसले के बाद पहले से डील पर साइन किए गए ट्रेड को लेकर एक बार फिर अनिश्चितता पैदा हो गई है. ट्र्ंप ने इसे लेकर अपने देश की सुप्रीम कोर्ट पर भी सवाल उठाया.

टैरिफ को लेकर ट्रंप ने फिर दी धमकी

ट्रंप ने कहा, ‘अगर कोई देश कोर्ट के फैसले का फायदा उठाकर खेल खेलने की कोशिश करेगा तो उस पर पहले से ज्यादा टैरिफ लगाया जाएगा. खासकर वैसे देशों पर जिन्होंने दशकों तक अमेरिका को लूटा है. ऐसे देशों टैरिफ से कहीं अधिक और बदतर स्थिति का सामना करना पड़ेगा.’

EU ने यूएस के साथ ट्रेड डील पर मतदान स्थगित किया

ब्रुसेल्स में यूरोपीय संसद ने सोमवार (23 फरवरी) को अमेरिका के साथ यूरोपीय यूनियन (EU) ने ट्रेड डील पर मतदान को स्थगित करने का फैसला किया, क्योंकि ट्रंप ने 15 फीसदी ग्लोबल टैरिफ का ऐलान किया है. इस समझौते के तहत यूरोपीय यूनियन के सामानों पर 15 फीसदी अमेरिकी टैरिफ लगेगा. हालांकि खाद्य पदार्थों, विमान के पुर्जे, रेअर मिनरल्स, दवाई समेत कई सामानों पर छूट दी जाएगी. वहीं EU को इंडस्ट्रियल सामानों सहित अमेरिका से आयातित कई वस्तुओं पर शुल्क हटाना होगा.

अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर चीन का रिएक्शन

चीन ने सोमवार को कहा कि वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ के खिलाफ अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के प्रभाव का आकलन कर रहा है. अमेरिका कोर्ट के फैसले के बाद ट्र्ंप प्रशासन ने पहले 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ का ऐलान किया. एक दिन बाद शनिवार (21 फरवरी 2026) को इसे बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया. ग्लोबल टैरिफ की दर को इससे नहीं बढ़ाया जा सकता है.





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